सागर। डिजिटल डेस्क
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब पीने से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। 7 सितंबर सुबह 11 बजे के बाद के अपडेट में मृतकों की संख्या 14 बताई गई है, जबकि 84 मरीजों के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज की जानकारी सामने आई है। इस बीच पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है और प्रशासन ने आबकारी तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है।
मौतों का आंकड़ा 14 तक पहुंचा
बंडा और आसपास के गांवों में 5 सितंबर की रात कथित तौर पर शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। लोगों ने उल्टी, चक्कर और आंखों से संबंधित परेशानी जैसी शिकायतें कीं। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
7 सितंबर सुबह 11:05 बजे अपडेट की गई रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 84 मरीजों का इलाज चल रहा है। एक गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर AIIMS भोपाल भेजा गया है।
84 मरीजों का इलाज, एक को AIIMS भोपाल भेजा
रिपोर्ट के मुताबिक इलाज करा रहे मरीजों में 59 बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), 17 जिला अस्पताल और 7 बंडा सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। एक मरीज को गंभीर हालत में एयरलिफ्ट कर AIIMS भोपाल भेजा गया है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग कर रही हैं, ताकि शराब पीने वाले ऐसे लोगों की पहचान की जा सके जिनमें अभी लक्षण दिखाई नहीं दिए हैं।
शराब में मेथेनॉल की आशंका
प्रारंभिक जांच में शराब में मेथेनॉल मिलावट की आशंका सामने आई है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और शराब के नमूनों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जहरीले पदार्थ की वास्तविक मात्रा और स्रोत क्या था।
मामले की जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब कहां तैयार हुई, किसने इसकी सप्लाई की और बंडा क्षेत्र के गांवों तक यह नेटवर्क कैसे पहुंचा।
ललितपुर से जुड़े सप्लाई नेटवर्क की जांच
सागर पुलिस की शुरुआती जांच में कथित जहरीली शराब के तार उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़ने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शराब की सप्लाई ललितपुर से सागर के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचने की आशंका है।
अब पुलिस इस कथित सप्लाई नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। ललितपुर प्रशासन भी मामले में अपने जिले का नाम सामने आने के बाद अलर्ट हुआ है।
20 लोगों के खिलाफ नामजद FIR
पुलिस ने मामले में 20 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। आरोपियों में कथित तौर पर अवैध शराब बेचने और सप्लाई से जुड़े लोग शामिल हैं।
FIR में यह आरोप भी सामने आया है कि क्षेत्र में सस्ती शराब को नए ब्रांड के नाम पर बेचा जा रहा था। एक शिकायत के मुताबिक 4 सितंबर को एक व्यक्ति ने कथित तौर पर 70 रुपये में देशी शराब का क्वार्टर खरीदा था। शराब पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस इन घटनाओं और शराब की सप्लाई के बीच संबंधों की जांच कर रही है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई
मामले में सरकार ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त आबकारी सागर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी और बंडा क्षेत्र की आबकारी उप निरीक्षक को निलंबित किया गया है।
इसके अलावा एक उपायुक्त को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। बंडा थाना प्रभारी और एक पुलिस चौकी प्रभारी पर भी कार्रवाई की गई है। यानी अब तक आबकारी और पुलिस विभाग के पांच अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
सरकार ने साफ किया है कि मामले में दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
शराब दुकानों को सील कर सैंपल लिए गए
प्रशासन ने इलाके में शराब की दुकानों की जांच भी तेज कर दी है। करीब छह शराब दुकानों को सील कर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कथित जहरीली शराब का स्रोत क्या था और उसका लाइसेंसी दुकानों से कोई संबंध था या नहीं।
गांव-गांव पहुंचकर हो रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग शुरू की है। स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीमें घर-घर जाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि किसी व्यक्ति ने हाल में शराब का सेवन तो नहीं किया था।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि शराब पीने के बाद उल्टी, सिरदर्द, चक्कर, आंखों की रोशनी में परेशानी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें।
बंडा से आगे भी बढ़ी कार्रवाई
सागर प्रशासन ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस की कोशिश है कि कथित सप्लाई चेन में शामिल लोगों तक पहुंचकर यह पता लगाया जाए कि शराब कहां तैयार हुई और उसमें जहरीला पदार्थ कैसे मिला। मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं।
जहरीली शराब पहुंची कैसे
सागर के बंडा क्षेत्र में हुई मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि कथित जहरीली शराब इतनी बड़ी संख्या में लोगों तक कैसे पहुंची।
जांच में तीन स्तरों पर फोकस किया जा रहा है—शराब का स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर बिक्री। पुलिस यह भी जांच रही है कि लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों की कथित अवैध सप्लाई में कोई भूमिका थी या नहीं।
फिलहाल पुलिस की जांच और शराब के नमूनों की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस त्रासदी के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
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