NEET री-एग्जाम में सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश, सतना GMC का MBBS छात्र गिरफ्तार

पटना/सतना। NEET-UG 2026 री-एग्जाम के दौरान बिहार के लखीसराय जिले में कथित सॉल्वर गैंग का बड़ा खुलासा हुआ है। बिहार पुलिस ने परीक्षा में प्रतिरूप (Impersonation) और बायोमेट्रिक सत्यापन में कथित हेराफेरी के मामले में 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, सतना (मध्य प्रदेश) के प्रथम वर्ष के MBBS छात्र हिमांशु कुमार का नाम भी शामिल बताया गया है। पुलिस का आरोप है कि वह दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। मामले की जांच जारी है और अभी किसी भी आरोपी का दोष अदालत में सिद्ध नहीं हुआ है।

क्या है पूरा मामला

21 जून को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर असली अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा देने पहुंचे हैं। जांच के दौरान लखीसराय के तीन परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की गई। पुलिस ने मौके से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया और बाद में कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया।

किन-किन लोगों को किया गया गिरफ्तार?

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार लोगों में शामिल हैं—

  • 9 कथित सॉल्वर (डमी परीक्षार्थी)
  • 18 बायोमेट्रिक सत्यापन एजेंसी के कर्मचारी
  • 1 मूल अभ्यर्थी
  • 2 कथित सहयोगी

जांच एजेंसियों का कहना है कि गिरोह में मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग और आयुर्वेद कॉलेजों के छात्र भी शामिल थे।

सतना मेडिकल कॉलेज के छात्र पर क्या आरोप

जांच में गिरफ्तार आरोपियों की सूची में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, सतना के प्रथम वर्ष के छात्र हिमांशु कुमार का नाम भी सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि वह दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। बाद में सामने आया कि छात्र 7 जून से कॉलेज से अवकाश लेकर अपने गृह राज्य बिहार गया था। कॉलेज प्रशासन अब उसकी उपस्थिति और अवकाश रिकॉर्ड की भी जांच कर रहा है।

ऐसे करता था गैंग काम

प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि गिरोह बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में शामिल कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से डमी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाता था। पुलिस के अनुसार फर्जी आधार कार्ड, बदली हुई पहचान और बायोमेट्रिक सत्यापन में कथित हेराफेरी के जरिए असली अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर परीक्षा देते थे।

करोड़ों रुपये के नेटवर्क की जांच

पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन की आशंका जताई गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला था और इसमें अन्य लोग या संस्थाएं शामिल थीं या नहीं।

कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, सतना के प्रशासन ने छात्र के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। कॉलेज का कहना है कि छात्र ने 7 जून से छुट्टी ली थी और उसके बाद कॉलेज नहीं लौटा। मामले की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

NTA ने क्या कहा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कहा है कि री-एग्जाम के दौरान सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय फ्रिस्किंग, CCTV निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई थी। एजेंसी का कहना है कि बिहार में सामने आए मामलों का पता सुरक्षा व्यवस्था के कारण ही चल सका और जांच में पुलिस को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।

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