हैदराबाद। डिजिटल डेस्क
वंदे मातरम् को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। 26 अगस्त को हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से कई सवाल पूछे।
ओवैसी ने PM मोदी से क्या पूछा?
ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा, तो क्या नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी से अधिक अक्लमंद हैं? क्या नरेंद्र मोदी इस देश से नेताजी सुभाष चंद्र बोस से अधिक प्यार करते हैं? या फिर क्या नरेंद्र मोदी रवींद्रनाथ टैगोर से अधिक बुद्धिमान हैं?
ओवैसी ने यह टिप्पणी वंदे मातरम् को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के संदर्भ में की। उन्होंने दावा किया कि महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं के दौर में वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरों को गाने का फैसला लिया गया था।
‘आप कानून बनाकर इन नेताओं की तौहीन कर रहे हैं’
ओवैसी ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् को लेकर इस तरह का कानून बनाने की कोशिश से बीजेपी और नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे नेताओं के फैसले का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से संविधान पढ़ने की अपील भी की।
ओवैसी ने कहा कि संविधान की शुरुआत हम भारत के लोग से होती है और देश सभी नागरिकों का है।
वंदे मातरम् पर क्यों हो रहा विवाद
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र सरकार की ओर से वर्षभर चलने वाले स्मरणोत्सव और राष्ट्रीय गीत के विभिन्न अंतरों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम में इसे स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा बताया है।
इसी मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह ऐतिहासिक रूप से तय किए गए संस्करण का पालन करती है, जबकि बीजेपी वंदे मातरम् के व्यापक ऐतिहासिक महत्व पर जोर दे रही है।