सोनभद्र। डिजिटल डेस्क
मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होने वाली एंबुलेंस को तस्करों ने गांजा ढोने का जरिया बना लिया। सोनभद्र में एएनटीएफ लखनऊ और हाथीनाला पुलिस की संयुक्त टीम ने एक ऐसी एंबुलेंस पकड़ी, जिसके फर्श के नीचे एल्युमिनियम की चादर से गुप्त कैबिनेट बनाया गया था। इसी छिपे हुए खाने में 36 बंडलों में 81.300 किलो गांजा रखा गया था। पुलिस ने एंबुलेंस चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है।
एंबुलेंस के फर्श के नीचे बना था गुप्त कैबिनेट
पुलिस के मुताबिक एएनटीएफ लखनऊ को सूचना मिली थी कि ओडिशा से एंबुलेंस के जरिए गांजे की बड़ी खेप उत्तर प्रदेश लाई जा रही है। सूचना के आधार पर एएनटीएफ यूनिट लखनऊ और हाथीनाला पुलिस की संयुक्त टीम ने दुद्धी मार्ग पर वाहनों की जांच शुरू की।
इसी दौरान पश्चिम बंगाल नंबर की एक संदिग्ध एंबुलेंस को रोककर तलाशी ली गई। शुरुआत में वाहन सामान्य एंबुलेंस जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन जांच के दौरान उसके केबिन के फर्श में लगी एल्युमिनियम की चादर के नीचे गुप्त कैबिनेट मिला।
गुप्त खाने को खोलने पर पुलिस को टेप से बंधे 36 बंडल मिले। जांच में इनमें कुल 81.300 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
ओडिशा से सुल्तानपुर जा रही थी खेप
पूछताछ में गिरफ्तार चालक ने पुलिस को बताया कि गांजा ओडिशा के संबलपुर से एंबुलेंस में लोड कराया गया था। इसे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर पहुंचाया जाना था।
पुलिस के अनुसार सुल्तानपुर पहुंचने के बाद फोन के जरिए चालक को बताया जाता कि गांजा किस व्यक्ति या पार्टी को सौंपना है। खेप उतरवाने के बाद उसे भुगतान किए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।
चालक समीर सरकार गिरफ्तार
पुलिस ने एंबुलेंस चालक की पहचान समीर सरकार पुत्र त्रिशंकु सरकार, निवासी फरक्का, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल के रूप में की है। उसके कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1100 रुपये नकद भी बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक चालक ने पूछताछ में गांजा तस्करी में एक अन्य व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी दी है। अब जांच टीम उस व्यक्ति के साथ-साथ पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
48 लाख तक पहुंची बरामदगी की कीमत
पुलिस ने बरामद 81.300 किलो गांजे की अनुमानित कीमत करीब 41 लाख रुपये बताई है। एंबुलेंस, मोबाइल और नकदी समेत पूरी बरामदगी की अनुमानित कीमत करीब 48 लाख रुपये बताई गई है।
चालक ने भागने की कोशिश की, पुलिस ने पकड़ा
रिपोर्टों के मुताबिक संदिग्ध एंबुलेंस को रोकने की कोशिश की गई तो चालक ने भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में एंबुलेंस की तलाशी ली गई, जिसमें फर्श के नीचे छिपाया गया गुप्त कैबिनेट सामने आया।
तस्करी नेटवर्क की तलाश में पुलिस
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हाथीनाला थाने में NDPS एक्ट की धारा 8/20/29/60 के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ओडिशा से सुल्तानपुर तक खेप पहुंचाने की पूरी व्यवस्था कैसे की गई थी।
यह कार्रवाई पुलिस के ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत की गई। अधिकारियों के मुताबिक मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।