लखनऊ। डिजिटल डेस्क
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर के अस्पतालों को अलर्ट किया है। 25 अगस्त तक राज्य में स्वाइन फ्लू के 364 मामले सामने आने की जानकारी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी 75 जिलों में संदिग्ध और संक्रमित मरीजों की पहचान, निगरानी और उपचार व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के अनुसार अस्पतालों में गंभीर श्वसन संक्रमण (SARI) वाले मरीजों के साथ-साथ खांसी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। संदिग्ध मरीजों को ट्रैक करने और संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ में भी सामने आए नए मामले
राजधानी लखनऊ में पिछले एक महीने के दौरान स्वाइन फ्लू के तीन नए मामले सामने आए हैं। मरीजों में सर्दी, खांसी और फ्लू जैसे लक्षण पाए गए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए अस्पतालों में जांच और उपचार की व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू की है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक अभी सामने आ रहे मामलों को देखते हुए अस्पतालों को मरीजों की पहचान और समय पर उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
नोएडा में एक दिन में 106 नए मामले
स्वाइन फ्लू का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। नोएडा में एक दिन में 106 नए मामलों की पुष्टि होने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 120 तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
वहीं मेरठ में भी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई है। हाल में तीन नए मरीज मिलने के बाद जिले में कुल मामलों की संख्या सात बताई गई थी।
सभी 75 जिलों के अस्पतालों को निगरानी के निर्देश
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के अस्पतालों को स्वाइन फ्लू के मामलों की पहचान और ट्रैकिंग पर जोर देने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक संदिग्ध मरीजों को भी संक्रमण से बचाव के लिए खांसते और छींकते समय सावधानी बरतने तथा सार्वजनिक स्थानों पर जरूरी एहतियात अपनाने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जांच और उपचार की उपलब्धता की समीक्षा करने तथा मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। गंभीर मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
क्या यूपी में स्वाइन फ्लू तेजी से फैल रहा है
राज्य में इस साल अब तक 364 मामले सामने आना स्वास्थ्य विभाग के लिए निगरानी बढ़ाने का कारण है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार अभी तक मामलों का कोई एक बड़ा क्लस्टर सामने नहीं आया है और ज्यादातर मामलों को अलग-अलग यानी sporadic cases के तौर पर बताया गया है।
इसलिए मौजूदा स्थिति को लेकर सतर्कता जरूरी है, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर पूरे उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बड़े प्रकोप की स्थिति बताना उचित नहीं होगा।
बुखार और फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को बुखार और फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की जांच तथा उपचार में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। लोगों को खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक ढकने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और फ्लू जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।
ब्रजेश पाठक ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं, अस्पतालों में जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वाइन फ्लू और वायरल फीवर के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से सभी जिलों में स्थिति की लगातार निगरानी करने और अस्पतालों में जांच व उपचार की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने को कहा है।
ब्रजेश पाठक ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या को देखते हुए हम लोगों ने प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों को और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा है। इसके साथ ही छोटे अस्पतालों को भी सतर्क रहने के लिए कहा है। कोई भी मरीज अगर बुखार की शिकायत को लेकर आता है तो उसके खून की जांच कराएं, पैथोलॉजिकल टेस्ट कराएं और उसके उपचार की व्यवस्था कराएं। सभी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी गई है। हर मरीज को गंभीरता से देखने के निर्देश दे दिए गए हैं।’
उन्होंने युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर कहा, ‘हमारी सरकार लगातार युवाओं के साथ प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। युवाओं को 9 लाख से अधिक सरकारी सेवाओं का अवसर उनके बुद्धि विवेक कौशल के आधार पर मिला है। इसके अलावा ODOP (एक जिला एक उत्पाद), स्वरोजगार और कौशल विकास के माध्यम से हम लगातार उन्हें रोजगार से जोड़ रहे हैं।