नेहा पच्चीसिया की गिरफ्तारी पर सस्पेंस, 29 अगस्त को अग्रिम जमानत पर फैसला; SIT ने तेज की जांच

कटनी। डिजिटल डेस्क

कटनी की निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया की गिरफ्तारी पर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है। जमीन सौदे से जुड़े मामले में दर्ज FIR के बाद उनकी ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को जिला अदालत में करीब तीन घंटे तक बहस हुई, लेकिन अदालत ने तत्काल कोई फैसला नहीं सुनाया। अब अग्रिम जमानत पर अगली सुनवाई 29 अगस्त 2026 को होगी।

तीन घंटे चली बहस, 29 अगस्त को फिर सुनवाई

प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लीला लोधी की अदालत में नेहा पच्चीसिया और उनके करीबी बताए जा रहे क्षितिज राज बारापात्रे की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की ओर से करीब तीन घंटे तक दलीलें रखी गईं। इसके बाद अदालत ने मामले में तत्काल राहत नहीं दी और अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख तय की।

अग्रिम जमानत नहीं मिलने की स्थिति में नेहा पच्चीसिया की गिरफ्तारी की संभावना बनी हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

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SIT ने जांच का दायरा बढ़ाया

मामले की जांच के लिए जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी के नेतृत्व में SIT गठित की गई है। जांच टीम ने न्यायालय की अनुमति के बाद जेल में बंद हत्या के आरोपी आकाश लोधी और रमेश लोधी के बयान दर्ज किए हैं।

अब इन बयानों का मिलान जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेजों, दूसरे गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों से किया जा रहा है। SIT कुछ ऐसे गवाहों से दोबारा पूछताछ की तैयारी में भी है, जिनके बयान पहले दर्ज किए जा चुके हैं।

सील कार्यालय भी खोला जाएगा

जांच के दौरान नेहा पच्चीसिया का कार्यालय पिछले कुछ दिनों से सीलबंद रखा गया है। SIT की मौजूदगी में कार्यालय खोलकर वहां रखी फाइलों, रजिस्टर और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की जानी है।

जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि हत्या के मामले या कथित जमीन सौदे से संबंधित कोई विभागीय पत्राचार या अन्य रिकॉर्ड कार्यालय में मौजूद है या नहीं। किसी संदिग्ध सामग्री के मिलने पर उसे जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।

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CCTV फुटेज और जमीन के दस्तावेज भी जांच के घेरे में

SIT CCTV फुटेज को भी अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। संबंधित स्थानों और कार्यालयों के फुटेज जुटाकर संदिग्ध लोगों की आवाजाही और मुलाकातों की टाइमलाइन तैयार की जा रही है।

इसके अलावा जमीन के नामांतरण रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, भुगतान के तरीके और संबंधित पक्षों के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। SIT यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जमीन का सौदा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किन लोगों की क्या भूमिका थी।

मामले में भ्रष्टाचार की धाराएं भी जोड़ी गईं

कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और बयानों के आधार पर मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12 और 13 भी जोड़ी गई हैं।

इन धाराओं के जुड़ने के बाद जांच का दायरा सिर्फ जमीन सौदे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कथित भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े पहलुओं तक भी बढ़ गया है।

क्या है पूरा मामला

नेहा पच्चीसिया के खिलाफ कटनी के कुठला थाने में जमीन सौदे से संबंधित FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि हत्या के एक मामले में आरोपी पक्ष पर दबाव बनाकर जमीन का सौदा कराया गया। मामले में नेहा पच्चीसिया के साथ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

FIR के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया को निलंबित किया गया था। इसके बाद मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई।

इन आरोपों की जांच जारी है। इसलिए जमीन सौदे, दबाव बनाने या पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

29 अगस्त पर टिकी नजर

अब इस मामले में सबसे अहम तारीख 29 अगस्त है। उस दिन अदालत नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका पर आगे सुनवाई करेगी। तब यह स्पष्ट हो सकता है कि उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिलती है या पुलिस की कार्रवाई का रास्ता खुलता है।

इस बीच SIT की जांच जारी है और जमीन के दस्तावेजों से लेकर CCTV फुटेज तथा गवाहों के बयानों तक कई स्तरों पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

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