जिस मां ने नौ महीने कोख में रखा, उंगली पकड़कर चलना सिखाया और जिंदगी भर अपने बेटे के भविष्य के सपने देखे, उसी बेटे ने जमीन के लालच में उसकी जिंदगी छीन ली। पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम कमता में 29 जुलाई को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां जमीन अपने नाम कराने की जिद में 26 वर्षीय युवक रामदयाल पाण्डेय ने अपनी 42 वर्षीय मां शीला पाण्डेय पर लकड़ी के मोटे डंडे से हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि शीला पाण्डेय की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
शादी के बाद जमीन देने की बात कह रहे थे परिजन
मृतका के पति शंकरदयाल पाण्डेय ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा लंबे समय से जमीन अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। परिवार के लोगों ने उसे समझाया था कि विवाह के बाद जमीन उसके नाम कर दी जाएगी, लेकिन वह इस बात पर अड़ा रहा कि बहनों के नाम संपत्ति की जा रही है। इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था।
सिर पर डंडे से वार, मौके पर ही मौत
पुलिस के अनुसार 29 जुलाई की सुबह मां-बेटे के बीच फिर विवाद शुरू हुआ। दोपहर करीब 12 बजे गुस्से में आरोपी ने यूकेलिप्टस के मोटे डंडे से मां के सिर पर कई वार कर दिए।
गंभीर चोट लगने से शीला पाण्डेय की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, मां के गिर जाने के बाद भी आरोपी हमला करता रहा और फिर घटनास्थल से फरार हो गया।
कुछ ही घंटों में आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पवई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और देर शाम आरोपी रामदयाल पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा भी एक सुनसान कुएं से बरामद कर लिया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
अविवाहित, आठवीं तक पढ़ा और गुस्सैल स्वभाव
पुलिस के अनुसार आरोपी परिवार का इकलौता बेटा है और उसकी तीन बहनें हैं। वह आठवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उसका स्वभाव गुस्सैल था और वह अक्सर घर में विवाद करता था। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
एक सवाल समाज के लिए भी…
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटते विश्वास और संपत्ति के लिए बढ़ते पारिवारिक विवादों की दर्दनाक तस्वीर भी है। जिस मां ने बेटे का भविष्य संवारने का सपना देखा, उसी की जिंदगी उसी के हाथों खत्म हो गई। यह घटना याद दिलाती है कि संपत्ति का लालच जब रिश्तों पर हावी हो जाता है, तो सबसे मजबूत बंधन भी टूट जाते हैं।