सतना की एमपी बिरला सीमेंट फैक्ट्री में कार्यरत एक कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने शव को फैक्ट्री गेट पर रखकर आश्रित को स्थायी नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया। गुरुवार सुबह एमपी बिरला सीमेंट फैक्ट्री में कार्यरत रमाकांत द्विवेदी (45) की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, उनकी मौत हृदयगति रुकने (हार्ट अटैक) से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि संबंधित चिकित्सीय प्रक्रिया के बाद ही होगी।
अस्पताल पहुंचे परिजन, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना की सूचना मिलते ही मृतक की पत्नी सीता द्विवेदी, पुत्र पियुष द्विवेदी, पुत्री शिल्पा द्विवेदी और भाई राघवेन्द्र प्रसाद पांडेय समेत अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे। लेकिन तब तक रमाकांत द्विवेदी की मौत हो चुकी थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
फैक्ट्री गेट पर शव रखकर धरना
शाम को परिजन शव लेकर फैक्ट्री गेट पहुंचे और एक आश्रित को स्थायी नौकरी तथा पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। धरने के कारण फैक्ट्री गेट पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रशासन ने कराया समझौते का प्रयास
धरने की सूचना मिलते ही एसडीएम राहुल सिलाडिया और सीएसपी डीपी सिंह चौहान मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन और परिजनों के बीच बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया। हालांकि देर रात तक दोनों पक्षों के बीच किसी मांग पर सहमति नहीं बन सकी और धरना जारी रहा।
कांग्रेस ने भी दिया समर्थन
धरना स्थल पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष आरिफ इकबाल सिद्दीकी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता भी पहुंचे। उन्होंने परिजनों की मांगों का समर्थन करते हुए फैक्ट्री प्रबंधन से मानवीय आधार पर उचित निर्णय लेने की अपील की।
फिलहाल प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी है। परिजनों का कहना है कि जब तक आश्रित को स्थायी नौकरी और आर्थिक सहायता का लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।