छिंदवाड़ा के पश्चिम वनमंडल में मजदूरों के भुगतान में कथित वित्तीय गड़बड़ी के मामले में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दो वनरक्षकों को निलंबित कर दिया गया, जबकि दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को उनके पद से अलग कर दिया गया है।
जांच रिपोर्ट के बाद डीएफओ की कार्रवाई
पश्चिम वनमंडल छिंदवाड़ा में लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताओं की जांच के बाद वन विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। डीएफओ साहिल गर्ग द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर धनकुमार चौधरी (सांवरी रेंज) और अमित कुमार सोनटके (दमुआ रेंज) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा सांवरी और दमुआ रेंज में कार्यरत दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी उनके पद से पृथक कर दिया गया है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इस कार्रवाई के साथ अब तक इस मामले में तीन वनरक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में सांवरी रेंज के वनरक्षक शाहिद खान को भी इसी मामले में सस्पेंड किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
अक्टूबर 2025 में पश्चिम वनमंडल में मजदूरों के भुगतान को लेकर वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत सामने आई थी। आरोप था कि कुछ वनरक्षकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की कथित मिलीभगत से मजदूरों के खातों में जाने वाली राशि उनके परिजनों या अन्य लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। शिकायत मिलने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की, जो अब तक जारी है।
जांच में क्या मिला
जांच समिति की रिपोर्ट में भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। विभाग का कहना है कि जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
डीएफओ ने क्या कहा?
पश्चिम वनमंडल के डीएफओ साहिल गर्ग ने बताया कि त्रुटिपूर्ण भुगतान की जांच में दोषी पाए गए दो वनरक्षकों को निलंबित किया गया है। एक वनरक्षक पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी थी। इसके अलावा दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी पद से पृथक किया गया है। भुगतान में गड़बड़ी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।