नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लागू अस्थायी प्रतिबंध हटाने का फैसला किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, देश में ईंधन की उपलब्धता सामान्य होने के बाद 12 जून को लागू किए गए अस्थायी नियमों को वापस लिया जा रहा है।
क्यों लगाए गए थे प्रतिबंध
सरकार ने जून के मध्य में पश्चिम एशिया में पैदा हुए तनाव और वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर असर को देखते हुए एहतियातन कुछ प्रतिबंध लागू किए थे। इसका उद्देश्य पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी, कालाबाजारी और आपूर्ति में असंतुलन को रोकना था।
1 जुलाई से क्या बदलेगा
सरकार के आदेश के बाद अब:
- कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ता सामान्य व्यवस्था के तहत ईंधन खरीद सकेंगे।
- सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के रिटेल आउटलेट्स पर पहले जैसी सामान्य बिक्री शुरू होगी।
- डीजल की दैनिक खरीद पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध भी समाप्त हो जाएगा।
आम लोगों पर क्या असर होगा
आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पहले की तरह सामान्य रहेगी। यह फैसला मुख्य रूप से ईंधन वितरण व्यवस्था को सामान्य करने के लिए लिया गया है। फिलहाल इस आदेश का पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में किसी बदलाव से सीधा संबंध नहीं है।
सरकार ने क्यों लिया फैसला
पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि देशभर में ईंधन की आपूर्ति अब स्थिर है और अस्थायी प्रतिबंधों की आवश्यकता नहीं रह गई है। ऐसे में 1 जुलाई से सभी अस्थायी नियामकीय उपाय वापस ले लिए जाएंगे।