नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को INDIA गठबंधन की महारैली हुई। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ आयोजित इस रैली में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
रैली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने भाषण दिए। सबसे तीखा हमला राहुल गांधी ने किया। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही।
रैली में क्यों जुटे विपक्षी दल
इस रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाया जाना था। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई। विपक्ष का आरोप था कि चुनाव आयोग मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों पर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं दिखा रहा है।
हालांकि, मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष के आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष अलग-अलग हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य डुप्लीकेट, मृत और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाना है। पात्र मतदाताओं के पास नाम जुड़वाने की प्रक्रिया भी उपलब्ध है।
राहुल गांधी ने क्या कहा
राहुल गांधी ने अपने भाषण में चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची से करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए।
उन्होंने कहा कि यह संख्या कुल मतदाताओं का लगभग 15 प्रतिशत है। राहुल ने सवाल उठाया कि जब 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA और INDIA गठबंधन के वोट शेयर का अंतर करीब 3 प्रतिशत था, तो इतनी बड़ी संख्या में नाम कैसे हटाए गए?
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और जेल भेजे जाने की बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
उन्होंने RSS पर संस्थाओं में प्रभाव बढ़ाने का आरोप लगाया। राहुल ने कहा कि किसान, मजदूर और युवाओं को उनके अधिकार नहीं मिल रहे हैं तथा देश की संपत्ति कुछ उद्योगपतियों के हाथों में केंद्रित हो रही है।
राहुल ने अपने भाषण में यह भी कहा कि विपक्ष की लड़ाई किसी व्यक्ति से नफरत की नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और भाजपा पर मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवाओं और दलितों के वोट छीनने की कोशिश की जा रही है। खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई।
उनका संदेश था कि विपक्ष लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लेते हुए ‘मोदी हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ का नारा दिया।
ममता बनर्जी ने SIR पर उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया के कारण मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ममता ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने विपक्षी एकजुटता का समर्थन करते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि रामलीला मैदान से एक नया राजनीतिक संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने भाजपा की चुनावी रणनीति और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठाए।
अखिलेश ने युवाओं और आम लोगों के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए विपक्षी दलों से एकजुट होकर लड़ाई जारी रखने की अपील की।
तेजस्वी यादव ने महाभारत से की तुलना
बिहार के नेता तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में महाभारत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में आमतौर पर रामायण का आयोजन होता है, लेकिन आज यहां वोट चुराने वालों के खिलाफ महाभारत आयोजित किया गया है। उनका यह बयान रैली के चर्चित राजनीतिक बयानों में शामिल रहा।
फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने भी उठाए सवाल
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी भाजपा की नीतियों और अयोध्या से जुड़े मुद्दों पर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने विपक्ष के आरोपों का समर्थन किया।
भाजपा ने क्या जवाब दिया
रैली के दौरान विपक्षी दलों के आरोपों पर भाजपा ने भी पलटवार किया। भाजपा नेताओं ने विपक्ष की इस मुहिम को राजनीतिक प्रदर्शन बताया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
भाजपा की ओर से यह दावा भी किया गया कि रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में जगह खाली थी। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर तीखी आलोचना की।
रैली का राजनीतिक संदेश क्या रहा
रामलीला मैदान की इस महारैली में विपक्ष ने SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को अपना मुख्य राजनीतिक मुद्दा बनाया। राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाने पर लिया।
वहीं, खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी अपने भाषणों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। रैली के जरिए INDIA गठबंधन ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वह आने वाले चुनावों में मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा।