रायसेन। डिजिटल डेस्क
मध्यप्रदेश के रायसेन जिला जेल में जेल प्रहरी को गोली मारकर भागने की कोशिश करने वाले कैदी के पास हथियार पहुंचने को लेकर जांच में अहम जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, हथियार जेल की बाहरी दीवार के पास से अंदर पहुंचाया गया था।
बाहर से फेंका गया था हथियार का पैकेट
जांच के अनुसार 19 अगस्त 2026 को जेल की बाहरी दीवार के पास एक पैकेट फेंका गया था। इसमें 315 बोर का देशी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस होने की बात सामने आई है। आरोप है कि कैदी नीलेश ठाकुर ने इस हथियार को हासिल कर जेल परिसर में छिपा लिया था।
बताया जा रहा है कि हथियार जेल के अंदर पहुंचाने के लिए बाहर मौजूद लोगों से संपर्क किया गया था। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर हथियार पहुंचाने में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
प्रहरी को गोली मारकर भागने की कोशिश
इसी हथियार का इस्तेमाल करते हुए 2 सितंबर 2026 को नीलेश ठाकुर ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर गोली चला दी थी। इसके बाद उसने प्रहरी की आंखों में लाल मिर्च डालकर भागने की कोशिश की।
गोली लगने के बावजूद प्रहरी ने हिम्मत नहीं छोड़ी और आरोपी कैदी को पकड़ने की कोशिश जारी रखी। घटना का CCTV फुटेज अब सामने आया है, जिसमें कैदी के हमले और भागने की कोशिश का घटनाक्रम दिखाई दे रहा है।
जेल की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आखिर जेल की बाहरी दीवार के पास हथियार और कारतूस का पैकेट कैसे पहुंचा और उसे कैदी तक पहुंचने से रोकने में सुरक्षा तंत्र क्यों नाकाम रहा, इसकी जांच की जा रही है।
मामले में जेल प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा में संभावित लापरवाही की भी जांच हुई है। पुलिस अब हथियार पहुंचाने वाले नेटवर्क और कैदी के संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।