राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आलीशान घर, लग्जरी लाइफस्टाइल… अब आरोपियों की संपत्ति खंगाल रही SIT

अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेष जांच दल (SIT) अब गिरफ्तार आरोपियों की संपत्ति, बैंक खातों, लग्जरी जीवनशैली और भर्ती प्रक्रिया की गहन जांच कर रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों की घोषित आय और उनके पास मौजूद संपत्तियों के बीच कहीं असामान्य अंतर तो नहीं है।

आलीशान मकान, फार्महाउस और महंगी गाड़ियों की जांच

जांच के दौरान पुलिस कुछ आरोपियों के घरों और अन्य ठिकानों की भी पड़ताल कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक आरोपी की मासिक आय अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद उसके नाम पर महंगा मकान, फार्महाउस, लग्जरी मोटरसाइकिल और एसयूवी जैसी संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। इन्हीं संपत्तियों के वित्तीय स्रोत की जांच की जा रही है।

बैंक खातों और लेन-देन की भी पड़ताल

जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच टीम ने संबंधित बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की है और कई बैंक खातों का विवरण जुटाया है ताकि धन के प्रवाह का पता लगाया जा सके।

SBI की भूमिका भी जांच के दायरे में

मामले की जांच अब उस व्यवस्था तक भी पहुंच गई है जिसके तहत मंदिर के चढ़ावे की गिनती की जाती थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भी जांच का विषय है कि क्या कुछ कर्मचारियों को पहले हटाने की सिफारिश की गई थी और यदि ऐसा था तो उस पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जांच एजेंसियां संबंधित अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों से पूछताछ कर रही हैं।

भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

SIT भर्ती प्रक्रिया, पुलिस सत्यापन, आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।

आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में

इस मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच अभी जारी

पुलिस और SIT का कहना है कि मामले की जांच कई पहलुओं पर जारी है। बैंक रिकॉर्ड, संपत्तियों के दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा।

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