दान में कथित अनियमितताओं के विवाद के बीच सोमवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। बैठक में ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव पर फैसला लिया गया। चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए, जबकि मामले में एफआईआर दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को नई जिम्मेदारी सौंपे जाने पर सहमति बनी।
बैठक में क्या हुआ
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की बैठक में दान राशि से जुड़े विवाद, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट और भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखना और आगे की कार्ययोजना तय करना था।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने क्यों दिया इस्तीफा
दोनों पदाधिकारियों ने हाल में सामने आए दान राशि में कथित अनियमितताओं के विवाद के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद छोड़ने की पेशकश की थी। इन आरोपों की जांच एसआईटी और पुलिस स्तर पर जारी है। ट्रस्ट ने सोमवार की बैठक में उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए।
कृष्ण मोहन को मिली नई जिम्मेदारी
ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि यह फैसला ट्रस्ट में जवाबदेही और पारदर्शिता मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। आधिकारिक आदेश में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों का विस्तृत विवरण जारी किया जाएगा।
दान विवाद क्या है
हाल के दिनों में राम मंदिर निर्माण और दान राशि के प्रबंधन को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद एसआईटी जांच शुरू हुई और कई पदाधिकारियों से पूछताछ भी की गई। हालांकि जांच अभी जारी है और किसी भी आरोपी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष या दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
आगे क्या होगा
ट्रस्ट के नए प्रशासनिक ढांचे के साथ अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। ट्रस्ट ने संकेत दिए हैं कि मंदिर के निर्माण और प्रबंधन का कार्य पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगा।
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