रीवा में चल रहे Operation Prahar 2.0 और कॉम्बिंग अभियान के बीच Odisha Crime Branch ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी आदित्य मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी 15 क्विंटल गांजा बरामदगी मामले में वांछित था। उसे रीवा के रिंग रोड स्थित एक मकान से पकड़ा गया और बाद में Transit Remand पर ओडिशा ले जाया गया।
15 क्विंटल गांजा मामले में सामने आया नाम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल ही में ओडिशा में 15 क्विंटल गांजा की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने विंध्य क्षेत्र में सक्रिय नेटवर्क का खुलासा किया। इसी जांच में मऊगंज जिले के हनुमना निवासी आदित्य मिश्रा का नाम सामने आया, जिसके बाद Odisha Crime Branch ने रीवा पहुंचकर कार्रवाई की।
सुबह 5 बजे दी दबिश, Scorpio भी जब्त
बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह करीब पांच बजे Crime Branch की टीम ने रीवा के गड्डी मार्ग स्थित रिंग रोड इलाके में दबिश दी। यहां से आदित्य मिश्रा को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान उसकी Scorpio भी जब्त की गई। औपचारिक कार्रवाई के लिए आरोपी को पहले बिछिया थाना लाया गया, जहां स्थानीय पुलिस को गिरफ्तारी की सूचना दी गई।
रीवा और मऊगंज में दर्ज हैं कई FIR
आदित्य मिश्रा के खिलाफ रीवा और मऊगंज जिले के विभिन्न थानों में गांजा तस्करी से जुड़े कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। उसके खिलाफ अलग-अलग मामलों में कुल 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर मनगवां थाने के मामले में 30 हजार, समान थाने के मामले में 10 हजार और नईगढ़ी थाने में दर्ज एक अन्य मामले में 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
अन्य गंभीर मामलों में भी आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पर मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा एक दुष्कर्म का मामला भी दर्ज है। इन मामलों में वह लंबे समय से वांछित बताया जा रहा था।
Transit Remand पर ओडिशा रवाना
मेडिकल परीक्षण और न्यायालय में पेशी के बाद Odisha Crime Branch ने आरोपी का Transit Remand हासिल किया। इसके बाद टीम उसे और जब्त वाहन को लेकर आगे की पूछताछ के लिए ओडिशा रवाना हो गई।
स्थानीय अभियान पर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी शुरू हो गई कि जब रीवा में Operation Prahar 2.0 और लगातार कॉम्बिंग अभियान चल रहे थे, तब इतने बड़े इनामी आरोपी तक स्थानीय पुलिस पहले क्यों नहीं पहुंच सकी। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।