छिंदवाड़ा की कुंडीपुरा थाना पुलिस ने रॉयल एनफील्ड की डीलरशिप दिलाने का झांसा देकर 77.25 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने फिल्मी अंदाज में आठ दिन तक अपनी पहचान छिपाकर एसी और गीजर मैकेनिक बनकर रेकी की।
डीलरशिप दिलाने के नाम पर 77.25 लाख की ठगी
टीआई महेंद्र भगत ने बताया कि 23 जनवरी 2025 को चांदामेटा के नेहरू वार्ड निवासी संजय अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि रॉयल एनफील्ड की डीलरशिप दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क किया गया और विभिन्न बैंक खातों में कुल 77.25 लाख रुपये जमा करा लिए गए। रकम लेने के बाद न तो डीलरशिप मिली और न ही पैसे लौटाए गए।
बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन से खुली कड़ी
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की। जांच के दौरान पहले बिहार के नालंदा से प्रेम कुमार (20) को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद फरार चल रहे गिरोह के मास्टरमाइंड उदय कुमार और रणजीत उर्फ अखिलेश कुमार की तलाश शुरू हुई।
8 दिन तक मैकेनिक बनकर करते रहे रेकी
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम बिहार पहुंची। वहां पहचान छिपाने के लिए पुलिसकर्मी एसी और गीजर मैकेनिक बनकर आठ दिन तक आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने पटना से उदय कुमार (27) और नालंदा से रणजीत उर्फ अखिलेश कुमार (30) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
संपत्तियां कुर्क करने की तैयारी
पुलिस अब ठगी की रकम से जुड़े बैंक खातों, लेन-देन और उससे खरीदी गई संपत्तियों की जांच कर रही है। टीआई महेंद्र भगत के अनुसार आरोपियों की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है।