सागर जहरीली शराब कांड: मौतों के आंकड़े पर बड़ा अंतर, प्रशासन ने 15 की पुष्टि; 28 मौतों का दावा

सागर। डिजिटल डेस्क

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा और आसपास के इलाकों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला लगातार गंभीर बना हुआ है। घटना के बाद मौतों के आंकड़े को लेकर प्रशासनिक पुष्टि और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही सूचनाओं में बड़ा अंतर है। प्रशासन ने 15 मौतों की पुष्टि की है, जबकि कुछ स्थानीय और मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 28 तक पहुंचने का दावा किया गया है।

15 मौतों की प्रशासनिक पुष्टि, 28 का दावा

सागर के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए। इलाज के दौरान कई मरीजों की मौत हुई। 9 सितंबर तक प्रशासनिक स्तर पर 15 मौतों की पुष्टि बताई गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी सागर पहुंचकर 15 मौतों के आधिकारिक आंकड़े के आधार पर न्यायिक जांच के निर्देश दिए।

वहीं, स्थानीय स्तर पर सामने आई सूचनाओं में मौतों की संख्या 28 तक पहुंचने का दावा किया गया है। अमर उजाला और कुछ अन्य रिपोर्टों ने भी 28 मौतों की बात कही, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट किया कि प्रशासनिक तौर पर उस समय 15 मौतों की ही पुष्टि थी। मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर अंतिम स्थिति जांच और संबंधित रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही स्पष्ट होगी।

सरकार ने न्यायिक जांच के दिए आदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को सागर पहुंचकर अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए। सरकार की ओर से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने सागर संभाग में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की तैनाती भी की है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार को सागर संभाग की जिम्मेदारी दी गई, जबकि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इरशाद वली को सागर रेंज का आईजी बनाया गया।

30 आरोपियों पर केस, 14 गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक मामले में 30 आरोपियों को चिन्हित कर एफआईआर दर्ज की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस संदिग्ध अवैध शराब की सप्लाई और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

मामले में बंडा एसडीएम आरती यादव और एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को भी उनके पद से हटाया गया है। इसके अलावा पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया है।

अवैध शराब के नेटवर्क की जांच

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध शराब कहां तैयार हुई, उसकी सप्लाई किन लोगों के जरिए हुई और प्रभावित गांवों तक शराब कैसे पहुंची। पुलिस ने इसे लेकर अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई तेज कर दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई में अवैध शराब बनाने से जुड़ी सामग्री भी बरामद की गई है।

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