कान्हा के हाथियों की ‘छुट्टी’ शुरू, 7 दिन मालिश-खेल और खास खुराक का आनंद

बालाघाट। डिजिटल डेस्क

जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा में सालभर अहम भूमिका निभाने वाले कान्हा टाइगर रिजर्व के 16 विभागीय हाथियों को सात दिन का आराम मिलेगा। सुपखार परिक्षेत्र में 14 से 20 सितंबर तक पुनर्यौवन (रिजुविनेशन) कैंप आयोजित किया जाएगा। इस दौरान हाथियों को नियमित ड्यूटी से अलग रखकर उनके स्वास्थ्य, देखभाल और मानसिक तरोताजगी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

16 हाथी, सात दिन का खास रूटीन

कान्हा टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 16 विभागीय हाथी हैं। इनमें 9 नर, 6 मादा और एक नन्हा हाथी शामिल है। ये हाथी वन्यजीव संरक्षण, गश्ती, अनुश्रवण, ट्रांसलोकेशन और मानसून के दौरान विशेष गश्ती जैसे कार्यों में वन विभाग की मदद करते हैं।

सालभर जंगल की कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले इन हाथियों के लिए आयोजित पुनर्यौवन कैंप में उन्हें नियमित कार्यों से अलग रखकर आराम और देखभाल का अवसर दिया जाएगा।

सुबह नहाना, फिर होगी मालिश

कैंप के दौरान हाथियों की रोजमर्रा की दिनचर्या में बदलाव किया जाएगा। सुबह हाथियों को जंगल से कैंप स्थल पर लाया जाएगा। यहां उन्हें नहलाने के बाद शरीर और पैरों की मालिश की जाएगी।

इसके बाद वन्यजीव चिकित्सकों की देखरेख में स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य देखभाल की गतिविधियां होंगी। दोपहर में महावत और चाराकटरों के साथ परिचय तथा खेल गतिविधियां कराई जाएंगी। शाम को भोजन कराने के बाद हाथियों को वापस जंगल में छोड़ा जाएगा।

विशेष खुराक के साथ स्वास्थ्य की जांच

कैंप में हाथियों को सामान्य दिनचर्या से अलग बेहतर और विशेष आहार दिया जाएगा। वन्यजीव चिकित्सक नियमित रूप से उनकी सेहत की जांच करेंगे।

हाथियों के रक्त, फीकल और मूत्र के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक हाथी का शारीरिक माप निर्धारित प्रपत्र में दर्ज किया जाएगा। इससे उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी में मदद मिलेगी।

साथ रहेंगे, खाएंगे और खेलेंगे

पुनर्यौवन कैंप का मकसद केवल हाथियों को शारीरिक आराम देना नहीं है। उनके मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर भी ध्यान दिया जाएगा।

कैंप के दौरान सभी हाथियों को एक साथ रहने, खाने और विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इसके लिए ऐसा वातावरण तैयार किया जाएगा, जिसमें वे अपने साथियों के साथ सहजता से समय बिता सकें।

महावत और चाराकटरों की भी ट्रेनिंग

हाथियों की देखभाल करने वाले महावत और चाराकटरों के लिए भी कैंप में प्रशिक्षण सत्र होंगे। वरिष्ठ महावत उन्हें हाथियों के रखरखाव, उनके व्यवहार को समझने और दिए जाने वाले निर्देशों से संबंधित प्रशिक्षण देंगे।

आपात स्थिति में हाथियों पर प्रभावी नियंत्रण और बेहतर प्रबंधन के लिए भी उन्हें तैयार किया जाएगा।

16 साल से जारी है पुनर्यौवन कैंप की परंपरा

कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन हाथियों के संरक्षण और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए लगातार 16 वर्षों से पुनर्यौवन कैंप आयोजित कर रहा है।

जंगल की कठिन ड्यूटी के बीच ये सात दिन हाथियों के लिए आराम, स्वास्थ्य जांच, विशेष देखभाल और अपने साथियों के साथ समय बिताने का अवसर होंगे।

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