सतना। डिजिटल डेस्क
बैंक से 40 हजार रुपए निकालकर ड्यूटी पर जा रहे जिला अस्पताल के कंपाउंडर को पुरानी पहचान का झांसा देकर कार सवार दो बदमाशों ने ठगी का शिकार बना लिया। बदमाशों ने चाय पिलाने के बहाने उन्हें कार में बैठाया और कुछ दूर जाकर उतार दिया। इसके बाद जेब से 40 हजार रुपए समेत अन्य रकम गायब मिली। कोलगवां पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
बैंक से पैसे निकालकर ड्यूटी पर जा रहे थे
पुलिस के मुताबिक कृष्ण नगर निवासी दिलीप कुमार पुत्र कौशल किशोर द्विवेदी (52) जिला अस्पताल में कंपाउंडर हैं। मंगलवार दोपहर ड्यूटी पर जाने से पहले वह बस स्टैंड के पास स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच पहुंचे थे।
दिलीप ने अपने खाते से 40 हजार रुपए निकाले और रकम पैंट की जेब में रख ली। करीब 12 बजे बैंक से बाहर निकलने के बाद सड़क पर खड़ी एक कार में बैठे दो युवकों ने उन्हें रोक लिया।
पुरानी पहचान बताकर चाय के लिए कार में बैठाया
आरोप है कि दोनों युवकों ने दिलीप से पुरानी जान-पहचान होने की बात कही और चाय पीने के लिए साथ चलने को कहा। दिलीप ने ड्यूटी के लिए व्यस्त होने की बात कहते हुए उनके साथ जाने से इनकार किया।
इसके बावजूद दोनों युवकों ने उन्हें कार में बैठा लिया। करीब 100 मीटर आगे जाने के बाद दिलीप को कार से उतार दिया गया। इसके बाद कार सवार युवक सर्किट हाउस की तरफ निकल गए।
जेब टटोली तो उड़ गए होश
कार से उतरने के बाद जब दिलीप ने अपनी जेब में हाथ डाला तो उनके होश उड़ गए। बैंक से कुछ मिनट पहले निकाले गए 40 हजार रुपए के साथ जेब में पहले से रखी रकम भी गायब थी।
इसके बाद उन्हें कार सवार युवकों की गतिविधि पर संदेह हुआ और वह तत्काल कोलगवां थाने पहुंचे। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी में सर्किट हाउस से बगहा बाइपास तक दिखी कार
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम के जरिए शहर के अन्य कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में संदिग्ध कार सर्किट हाउस-सिविल लाइन से कोठी रोड होते हुए संतनगर-बगहा की ओर जाती दिखाई दी।
इसके बाद कार बाइपास से राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ जाती नजर आई, लेकिन आगे उसकी कोई लोकेशन नहीं मिल सकी।
कार पर लगा था दूसरी गाड़ी का नंबर
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में कार का रजिस्ट्रेशन नंबर भी दिखाई दिया। पुलिस टीम ने जब इस नंबर को आरटीओ पोर्टल पर सर्च किया तो वह इंदौर में पंजीकृत क्रेटा कार का निकला।
वहीं सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध बदमाश स्विफ्ट डिजायर कार में नजर आए। इससे पुलिस को आशंका है कि बदमाशों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कार पर दूसरी गाड़ी का नंबर लगा रखा था।
बैंक के बाहर रेकी की आशंका
एक ही नंबर के अलग वाहन पर इस्तेमाल होने से पुलिस को आशंका है कि वारदात सुनियोजित तरीके से की गई। बदमाशों ने बैंक के बाहर रेकी करने के बाद रुपए निकालकर निकल रहे कंपाउंडर को निशाना बनाया हो सकता है।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार सवार बदमाशों की पहचान करने में जुटी है। उनके चित्रकूट, रीवा या पन्ना की ओर भागने की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है।