सतना। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने पांच नाबालिगों के ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जिसने यूट्यूब वीडियो देखकर मोटरसाइकिल चोरी करने का तरीका सीखा और फिर शहर के अलग-अलग इलाकों में वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 6 लाख रुपये कीमत की छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
शिकायत से शुरू हुई जांच, CCTV से मिला सुराग
थाना प्रभारी प्रीति विश्वकर्मा ने बताया कि हटिया निवासी अंश कुमार मिश्रा की मोटरसाइकिल 3 जुलाई को विराट नगर स्थित किराए के मकान के बाहर से चोरी हो गई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पांच संदिग्ध नाबालिगों की पहचान की। सभी को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में खुला पूरा राज
पूछताछ के दौरान सभी नाबालिगों ने बाइक चोरी की वारदातें कबूल कर लीं। उनकी निशानदेही पर छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र से पांच और कोतवाली क्षेत्र से एक बाइक चोरी की थी।
YouTube से सीखा बाइक चोरी का तरीका
पूछताछ में नाबालिगों ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर मोटरसाइकिल को डायरेक्ट स्टार्ट करने का तरीका सीखा था। इसके बाद वे ऐसी बाइकों को निशाना बनाते थे, जिनका हैंडल लॉक या सुरक्षा व्यवस्था ठीक से नहीं लगी होती थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की कम उम्र और चोरी का तरीका दोनों ही चौंकाने वाले थे।
बाल सुधार गृह भेजे गए आरोपी
पूछताछ पूरी होने के बाद पांचों नाबालिगों को किशोर न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर सभी को बाल सुधार गृह रीवा भेज दिया गया। इस कार्रवाई में एएसआई अमर सिंह, प्रधान आरक्षक निरंजन मेहरा, तान सिंह, विकास सिंह, दिलीप दुबे, बृजेंद्र पांडेय, रविशंकर पांडेय, आरक्षक आनंद सिंह और प्रद्युम्न शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।