FIR में नाम के बावजूद युवक पर केस नहीं, 4 छात्राओं पर अपराध दर्ज; छात्रा की पिटाई और वीडियो वायरल करने का मामला

सतना। डिजिटल डेस्क

कोलगवां थाना क्षेत्र में छात्रा को नगर वन के पास सुनसान जगह ले जाकर मारपीट करने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने चार छात्राओं के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मामले में नाम सामने आने के बावजूद युवक श्रवण सेन के खिलाफ अभी तक अपराध दर्ज नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्राओं के बयान में श्रवण की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

चार छात्राओं के खिलाफ इन धाराओं में केस

कोलगवां पुलिस ने 12 सितंबर को क्राइम नंबर 1283/2026 के तहत चार छात्राओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। खबर के अनुसार, ये धाराएं थाने से जमानती हैं।

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि मामले की जड़ में बताए जा रहे छात्र श्रवण सेन निवासी झाली का नाम प्राथमिकी में सामने आने के बावजूद उसके खिलाफ अलग से अपराध दर्ज नहीं किया गया है।

FIR में श्रवण से बात करने का दबाव देने का आरोप

एफआईआर में दर्ज पीड़िता के बयान के मुताबिक, मारपीट में शामिल छात्राओं में से एक लड़की ने उससे कहा था कि वह श्रवण सेन से बात करे और वह उसका पूरा खर्च उठाएगा। पीड़िता ने ऐसा करने से इनकार किया तो चारों छात्राओं ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

पीड़िता के बयान के अनुसार, मारपीट का वीडियो भी बनाया गया। आरोप है कि छात्राओं ने वीडियो कॉल के जरिए श्रवण सेन को भी जोड़ा और पीड़िता से उससे माफी मांगने के लिए कहा। बयान में यह भी आरोप है कि उसे धमकी दी गई कि यदि उसने श्रवण से बात नहीं की और घटना के बारे में किसी को बताया तो उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई।

पुलिस बोली- भूमिका सामने आई तो श्रवण पर भी होगी कार्रवाई

मामले में श्रवण सेन के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठने पर कोलगवां थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने कहा कि यह मामला गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपी छात्राओं के बयान में श्रवण सेन की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी अपराध दर्ज किया जाएगा।

वीडियो वायरल करने के मामले में IT एक्ट पर भी सवाल

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। उनका कहना है कि पुलिस को वीडियो वायरल करने और सोशल मीडिया के कथित दुरुपयोग से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी दिए गए हैं, लेकिन एफआईआर में आईटी एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं।

इस पहलू पर पुलिस की ओर से जांच की स्थिति और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई स्पष्ट की जानी बाकी है।

विधि विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की जांच पर दिया जोर

मामले को लेकर विधि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पीड़िता के बयान और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से श्रवण सेन की भूमिका सामने आती है तो पुलिस को उसकी भूमिका की भी गंभीरता से जांच करनी चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, पीड़िता के पास मौजूद चैटिंग, वीडियो कॉल और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच विवेचना में महत्वपूर्ण हो सकती है।

विशेषज्ञों ने सभी संबंधित मोबाइल डिवाइस जब्त कर डेटा रिकवर कराने और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराने की जरूरत बताई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो किसने बनाया, किसके डिवाइस से प्रसारित हुआ और वायरल करने में किन लोगों की भूमिका रही।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी भूमिका

फिलहाल पुलिस ने चार छात्राओं के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। श्रवण सेन की भूमिका को लेकर पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्राओं के बयान और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़िता के परिजन युवक के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *