सतना। डिजिटल डेस्क
सतना के एक युवक का अनुसूचित जनजाति (ST) का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उसने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में आरक्षक की नौकरी हासिल की थी। नियुक्ति के बाद ट्रेनिंग पूरी कर वह आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित CISF यूनिट में पदस्थ हो गया था। वहां प्रमाण पत्र के सत्यापन में फर्जीवाड़ा सामने आया। इसके बाद श्रीहरिकोटा में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। अब मामले में भोपाल के गोविंदपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
2023 में मिली नौकरी, 2024 में श्रीहरिकोटा में पदस्थापना
पुलिस के मुताबिक, सतना जिले के रघुराजनगर क्षेत्र के सगमनिया निवासी बंशीलाल पिता बहादुर सिंह का CISF में आरक्षक के पद पर चयन हुआ था। उसकी नियुक्ति 21 अक्टूबर 2023 को हुई थी। उसने विभाग में 3 जुलाई 2023 को जारी अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था।
बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 17 सितंबर 2024 को उसकी पदस्थापना आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC SHAR) की CISF यूनिट में हुई।
सतना में सत्यापन के दौरान खुला फर्जी प्रमाण पत्र का मामला
श्रीहरिकोटा में पदस्थापना के दौरान CISF ने बंशीलाल के जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन कराने के लिए सतना जिले के रघुराजनगर एसडीओ/तहसीलदार को पत्र भेजा था। सत्यापन में प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।
जांच में सामने आया कि प्रमाण पत्र को वास्तविक बताकर विभाग में प्रस्तुत किया गया था। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर CISF में नियुक्ति हुई थी।
श्रीहरिकोटा में जीरो FIR, भोपाल में दर्ज हुआ केस
CISF की श्रीहरिकोटा यूनिट के क्राइम एंड इंटेलिजेंस विंग के निरीक्षक शशि कुमार पर्रे ने 10 अगस्त 2026 को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद श्रीहरिकोटा पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की।
मामले में भोपाल की CISF बीएचईएल यूनिट से संबंधित घटनास्थल बताए जाने के आधार पर केस डायरी भोपाल भेजी गई। पुलिस उपायुक्त, जोन-2 कार्यालय से 16 अक्टूबर को आदेश जारी हुआ। इसके बाद 17 अक्टूबर को केस डायरी गोविंदपुरा थाने पहुंची। गोविंदपुरा पुलिस ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।