नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 600 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी भी महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे फिसल गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में बिकवाली के पीछे तीन प्रमुख कारण रहे। पहला कारण वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत हैं। अमेरिका और यूरोप के बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ।
दूसरा बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बढ़ी आशंकाएं हैं। निवेशकों को डर है कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ सकती हैं, जिससे उभरते बाजारों में विदेशी निवेश का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।
तीसरा कारण आईटी शेयरों में तेज बिकवाली माना जा रहा है। आईटी सेक्टर में कमजोरी आने से बाजार पर दबाव बढ़ा और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में पहुंच गए। कई ब्रोकरेज रिपोर्टों और वैश्विक टेक सेक्टर की कमजोरी का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी देखने को मिला।
इसके अलावा कुछ निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली (Profit Booking) भी की, जिससे गिरावट और गहरी हो गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।
हालांकि जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है और निवेशकों को सोच-समझकर निवेश रणनीति बनानी चाहिए।