तंबूरा लेकर गांव में गाते थे सुनील, ‘हनुमान अंश’ के भजन ने बदल दी जिंदगी

सागर। डिजिटल डेस्क

फिल्म ‘हनुमान अंश’ का बुंदेली भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई…’ इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुना जा रहा है। इस गीत के पीछे आवाज है मध्य प्रदेश के सागर जिले के 25 वर्षीय दृष्टिबाधित लोकगायक सुनील लोधी की। गांव की चौपाल और धार्मिक आयोजनों में तंबूरा लेकर गाने वाले सुनील की आवाज अब बड़े पर्दे तक पहुंच चुकी है।

जन्म से दृष्टिबाधित, लेकिन संगीत बना पहचान

सुनील लोधी सागर जिले के अगरा गांव के रहने वाले हैं। वह जन्म से दृष्टिबाधित हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य रही है। बचपन में इलाज के प्रयास हुए, लेकिन आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी। इसके बावजूद संगीत उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया।

सुनील ने औपचारिक संगीत प्रशिक्षण नहीं लिया। वह तंबूरा बजाकर भजन और बुंदेली लोकगीत गाते रहे। गांव के धार्मिक कार्यक्रमों और स्थानीय आयोजनों में उनकी आवाज की पहचान धीरे-धीरे बढ़ती गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने पढ़ाई भी ज्यादा नहीं की, लेकिन संगीत सीखने के लिए वह मोबाइल पर गाने सुनते थे। इसी तरह सुन-सुनकर उन्होंने सुर और ताल की समझ विकसित की।

2019 में रोहित साहू से मुलाकात ने बदली दिशा

सुनील की जिंदगी में बड़ा बदलाव करीब 2019 में आया, जब उनकी मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘बुंदेली दुनिया’ से जुड़े रोहित साहू से हुई। रोहित ने सुनील की गायकी को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा करना शुरू किया।

इसके बाद सुनील के बुंदेली गीत और भजन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोगों तक पहुंचने लगे। उनका भजन ‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ खास तौर पर वायरल हुआ और इसे करोड़ों व्यूज मिलने का दावा किया गया है। इस लोकप्रियता ने सुनील की आवाज को गांव और आसपास के इलाकों से बाहर पहुंचा दिया।

एक तस्वीर ने पहुंचाया मुंबई तक

सुनील के बॉलीवुड तक पहुंचने की कहानी भी दिलचस्प है। मुंबई में रिकॉर्डिंग के सिलसिले में पहुंचने के दौरान सुनील और उनके साथी रोहित साहू वर्सोवा बीच गए। वहां की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गईं।

इन्हीं तस्वीरों पर फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की नजर पड़ी। इसके बाद सुनील से संपर्क किया गया और उन्हें स्टूडियो बुलाया गया। वहां उन्होंने अपने भजन सुनाए और उनकी आवाज फिल्म की टीम को पसंद आ गई।

आधी रात स्टूडियो में रिकॉर्ड हुआ भजन

सुनील को मुंबई बुलाए जाने के बाद उनके सामने फिल्म के लिए गाने का मौका आया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने निर्देशक और टीम के सामने ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान…’ गाया। उनकी आवाज और बुंदेली अंदाज इतना पसंद आया कि गीत को फिल्म में शामिल कर लिया गया।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह गाना पहले टेक में ही पसंद कर लिया गया था। वहीं दूसरी रिपोर्ट में बताया गया कि मुंबई में सुनील से कई गाने रिकॉर्ड कराए गए, जिनमें से यह भजन ‘हनुमान अंश’ का हिस्सा बना।

भजन वायरल हुआ तो सुनील की किस्मत भी बदल गई

फिल्म रिलीज होने के बाद सुनील की आवाज वाला यह बुंदेली भजन सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा। इंस्टाग्राम समेत दूसरे प्लेटफॉर्म पर लोग इस गीत पर रील बनाने लगे।

यही वह मौका था जब सागर के एक स्थानीय लोकगायक की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनने लगी। सुनील को अब फिल्मों और लाइव कार्यक्रमों के लिए नए ऑफर मिलने लगे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने आगे कई बुंदेली गानों के लिए भी काम तय किया है।

‘हनुमान अंश’ के बाद मिला सरकारी सम्मान

सुनील की बढ़ती लोकप्रियता के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें मुख्यमंत्री निवास पर बुलाकर सम्मानित किया। सुनील ने वहां तंबूरा बजाकर ‘हनुमान अंश’ का भजन भी सुनाया।

मुख्यमंत्री ने सुनील की प्रतिभा की सराहना करते हुए एक लाख रुपये की सम्मान निधि देने की घोषणा की। साथ ही संगीत की औपचारिक शिक्षा और आंखों के उपचार के लिए सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा दिया गया।

अब जुबिन नौटियाल के साथ गाना चाहते हैं सुनील

सागर से मुंबई और फिर बॉलीवुड तक पहुंचने के बाद सुनील का सपना अब और बड़ा है। वह मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के साथ गाना चाहते हैं।

सुनील ने बताया है कि वह जुबिन के भजनों से प्रभावित हैं और चाहते हैं कि एक दिन उनके साथ जुगलबंदी करने का मौका मिले।

रास्ता भटकने पर भंवरे की आवाज को मानते हैं खास अनुभव

सुनील अपनी जिंदगी से जुड़ा एक अनुभव भी बताते हैं। उनके मुताबिक, एक बार वह गांव के पास रास्ता भटक गए थे। आंखों से दिखाई नहीं देने के कारण वह काफी परेशान हुए। तभी उन्हें एक भंवरे की आवाज सुनाई दी और उन्होंने उसी आवाज का पीछा करते हुए रास्ता खोज लिया।

सुनील इस घटना को भगवान हनुमान की कृपा से जोड़कर देखते हैं। यह अनुभव उनके लिए आस्था और हिम्मत से जुड़ा खास प्रसंग बन गया।

चौपाल से बॉलीवुड तक पहुंची आवाज

सुनील लोधी की कहानी सिर्फ एक फिल्म में गाना मिलने की कहानी नहीं है। यह उस लोकसंगीत की कहानी भी है जो गांव की चौपालों और धार्मिक आयोजनों से निकलकर सोशल मीडिया और फिर बड़े पर्दे तक पहुंच रहा है।

तंबूरा लेकर भजन गाने वाले सुनील के लिए ‘हनुमान अंश’ एक बड़ा मोड़ साबित हुआ है। अब उनकी आवाज को बॉलीवुड के नए प्रोजेक्ट्स में भी जगह मिलने की उम्मीद है। खुद सुनील भी मानते हैं कि उनके सफर की शुरुआत अभी हुई है।

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