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छतरपुर। डिजिटल डेस्क

छतरपुर जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर फ्रॉड से जुड़े एक गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से बड़ी संख्या में बैंक दस्तावेज, एटीएम और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

बैंक खाते किराए पर लेने का आरोप

पुलिस के अनुसार राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सक्रिय सलमान राही लोगों को बरगलाकर उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड हासिल करता था। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था।

रिपोर्ट के मुताबिक फोरलेन ब्रिज के पास पकड़े गए आरोपी के पास से 20 बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और 104 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

गरीब लोगों से लिए जाते थे बैंक खाते

पुलिस के मुताबिक गिरोह के लोग आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को करीब 10 से 12 हजार रुपये देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेते थे। बाद में इन खातों को कथित तौर पर 18 से 20 हजार रुपये में साइबर ठगों को उपलब्ध कराया जाता था।

पुलिस के अनुसार ऐसे खातों में साइबर ठगी की रकम आने के बाद संबंधित राज्यों की पुलिस सबसे पहले खाते के वास्तविक धारक तक पहुंचती थी।

15 राज्यों में करीब 35 करोड़ के फ्रॉड की जांच

ऑनलाइन जांच के आधार पर पुलिस को पता चला कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल 15 राज्यों में करीब 35 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड में किया गया है। पुलिस के मुताबिक छतरपुर और आसपास के लोगों के बैंक खातों का भी इस्तेमाल किया गया।

यह आंकड़ा पुलिस की जांच में सामने आई जानकारी पर आधारित है और मामले की जांच आगे जारी है।

उज्जवल अग्रवाल और राहुल पांडे की भूमिका

पुलिस के अनुसार मामले में उज्जवल अग्रवाल को संचालक बताया गया है, जबकि राहुल पांडे पर बैंक खाते इकट्ठा करने का काम करने का आरोप है। छत्तीसगढ़ में जिन लोगों को बैंक खाते उपलब्ध कराए गए थे, उनकी तलाश के लिए भी टीम रवाना की गई है।

पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकाला

मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का जुलूस भी निकाला। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को इनाम देने की बात कही है।

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