सिवनी जिले के वन विकास निगम क्षेत्र में पिछले एक महीने से टाइगर PN-103 की तलाश जारी है। शनिवार को विभागीय टीम उसके बेहद करीब पहुंच गई थी। बीजाटोला गांव के पास जंगल में तीन हाथियों की मदद से बाघ की घेराबंदी की गई, लेकिन वह कुछ ही क्षणों में घनी झाड़ियों का फायदा उठाकर निकल गया।
तीन हाथियों ने की घेराबंदी, फिर भी बच निकला बाघ
जानकारी के अनुसार, वन विभाग ने हाथी दल की मदद से बीजाटोला के जंगल में टाइगर को घेर लिया था। टीम को उम्मीद थी कि इस बार बाघ को सुरक्षित पकड़ लिया जाएगा, लेकिन वह अचानक दिशा बदलकर घने जंगल में चला गया। झाड़ियां अधिक होने के कारण टीम दोबारा उसका पता नहीं लगा सकी।
भोपाल के वन विहार में किया जाएगा शिफ्ट
वन विभाग के अनुसार, टाइगर PN-103 को पकड़ने के बाद भोपाल स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में शिफ्ट किया जाना है। हालांकि, बाघ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। इससे पहले भी वह बालाघाट सीमा की ओर चला गया था, जिसके कारण सर्चिंग अभियान प्रभावित हुआ था।
60 कैमरे और तीन पिंजरे लगाए गए
वन विकास निगम के मंडल प्रबंधक रामकिशन सोलंकी ने बताया कि टाइगर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 60 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। जरूरत के अनुसार कैमरों का स्थान भी बदला जा रहा है। इसके अलावा तीन स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और फील्ड स्टाफ लगातार निगरानी कर रहा है।
लगातार जारी रहेगा सर्च ऑपरेशन
वन विभाग का कहना है कि टाइगर को सुरक्षित पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा। टीम कैमरों, हाथी दल और फील्ड स्टाफ की मदद से उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है।