TMC में बगावत तेज: ममता बनर्जी को चेयरमैन पद से हटाने का दावा, अभिषेक बनर्जी को किया सस्पेंड; बागी गुट का बड़ा फैसला

ऋतब्रत बनर्जी खेमे ने खुद को ‘असली TMC’ बताया, अरूप रॉय को नया चेयरमैन नियुक्त करने का ऐलान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी घमासान और गहरा गया है। पार्टी के बागी गुट ने दावा किया है कि उसने ममता बनर्जी को चेयरमैन पद से हटाकर वरिष्ठ नेता अरूप रॉय को नया चेयरमैन नियुक्त कर दिया है। इसी के साथ बागी खेमे ने ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी संगठन से निलंबित करने का फैसला लिया है।

बागी गुट का नेतृत्व कर रहे ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि उनके साथ बड़ी संख्या में विधायक और कई सांसद हैं। बागी नेताओं का आरोप है कि पार्टी में फैसले कुछ लोगों तक सीमित हो गए थे और संगठन की मूल संरचना कमजोर हुई है। पिछले कुछ सप्ताह से TMC के भीतर चल रही खींचतान अब खुले राजनीतिक संघर्ष में बदलती दिखाई दे रही है।

क्या है पूरा विवाद?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद TMC में असंतोष बढ़ता गया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने दावा किया कि उसे दो-तिहाई से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इसी आधार पर बागी खेमे ने खुद को पार्टी का वास्तविक प्रतिनिधि बताना शुरू कर दिया। हाल के दिनों में कई नेताओं के इस्तीफे और अलग-अलग गुटों की बैठकों ने पार्टी संकट को और गहरा कर दिया है।

अभिषेक बनर्जी ने भी खोला मोर्चा

दूसरी ओर अभिषेक बनर्जी ने बागी सांसदों और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पार्टी छोड़कर अलग गुट बनाने वालों पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

बंगाल की राजनीति पर पड़ सकता है असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि TMC के भीतर यह संघर्ष और बढ़ता है तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल दोनों गुट खुद को असली TMC बताने में जुटे हैं और मामला संगठन से लेकर विधानसभा तथा संसद तक पहुंच चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *