निगम घेराव में अभद्र भाषा का आरोप, विंध्य चैंबर नेताओं पर कार्रवाई की तैयारी

सतना। नगर निगम कार्यालय के घेराव और प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से अमर्यादित भाषा और धमकी भरे व्यवहार के मामले में अब वैधानिक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े हरिओम गुप्ता और विपिन त्रिपाठी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शिकायत के समर्थन में प्रदर्शन के वीडियो की पेन ड्राइव भी पुलिस को सौंपी गई है।

14 जुलाई के प्रदर्शन का दिया हवाला

नगर निगम आयुक्त द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि 14 जुलाई को विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स ने नगर निगम कार्यालय के घेराव और प्रदर्शन की पूर्व सूचना पुलिस को दी थी। प्रशासन की ओर से यह अपेक्षा की गई थी कि प्रदर्शन के दौरान निगम कार्यालय का नियमित कामकाज और आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी।

आरोप है कि इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के मुख्य प्रवेश द्वार को घेरकर अवरुद्ध कर दिया, जिससे कार्यालय आने-जाने में बाधा उत्पन्न हुई। इस दौरान नारेबाजी के साथ कथित रूप से गाली-गलौज और धमकी भरी भाषा का भी प्रयोग किया गया।

जनसुनवाई भी हुई प्रभावित

पत्र के मुताबिक, मंगलवार को आयोजित होने वाली नगर निगम की साप्ताहिक जनसुनवाई भी प्रदर्शन के कारण प्रभावित हुई। मुख्य द्वार अवरुद्ध रहने से अपनी शिकायत लेकर पहुंचे कई नागरिक कार्यालय में प्रवेश नहीं कर सके। इसके चलते उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया और निगम का नियमित प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हुआ।

सोशल मीडिया वीडियो का भी किया जिक्र

नगर निगम आयुक्त ने शिकायत में कहा है कि प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुए हैं। इन वीडियो में कथित तौर पर हरिओम गुप्ता द्वारा निगमायुक्त के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग और विपिन त्रिपाठी द्वारा शासकीय अधिकारियों को धमकाते हुए देखा जा सकता है। आयुक्त का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों में भय का वातावरण बना है तथा कार्यालयीन कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है।

पुलिस से वैधानिक कार्रवाई का अनुरोध

नगर निगम आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शिकायत के साथ प्रदर्शन से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध कराई गई है। अब इस मामले में पुलिस द्वारा शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।

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