सतना। डिजिटल डेस्क
सतना में सुबह हुई बूंदाबांदी और दिनभर चली ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच तापमान में भी बदलाव दर्ज किया गया। दिन में ठंडक महसूस होने से लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी।
मौसम में आए इस बदलाव के बीच सतना, रीवा और आसपास के जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना पर नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। हालांकि, जिलेवार चेतावनी के लिए नवीनतम आधिकारिक बुलेटिन देखना जरूरी है।
सतना में दिन का तापमान 2 डिग्री गिरा
बुधवार को सतना में अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले दिन की तुलना में लगभग 2 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ पारा 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तापमान में इस बदलाव के साथ सुबह की हवा में नमी 74 प्रतिशत और शाम को 64 प्रतिशत दर्ज की गई। बादलों की मौजूदगी और ठंडी हवाओं के कारण दिनभर मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हुआ।
सतना-रीवा समेत विंध्य के जिलों में बारिश के आसार
विंध्य क्षेत्र के सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना के बीच लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहना चाहिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र की एक आधिकारिक चेतावनी में पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना दर्ज है।
चक्रवात अर्नब से जुड़ा मौसम तंत्र क्या करेगा
बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम प्रभावित होने का पूर्वानुमान जारी किया गया था। केंद्र सरकार की 26 अक्टूबर की जानकारी के अनुसार, उस समय तूफान आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा था।
रबी की बुवाई करने वाले किसानों को भी राहत मिल सकती है
बारिश का असर केवल खरीफ की फसल पर नहीं पड़ेगा। यदि खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचती है, तो रबी की फसलों की बुवाई के लिए जमीन तैयार करने में मदद मिल सकती है।
खाली खेतों में बारिश से नमी बढ़ने पर पलेवा यानी बुवाई से पहले खेत में पानी देने की जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि, इसका लाभ बारिश की मात्रा, मिट्टी की स्थिति और खेत में पानी के ठहराव पर निर्भर करेगा।
लगातार या बहुत अधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है। इसलिए किसानों को स्थानीय कृषि सलाह और मौसम पूर्वानुमान के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।
गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सावधानी जरूरी
मौसम खराब होने पर लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:
बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले मैदान में रहने से बचें।
खेतों में काम कर रहे किसान सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग के पास खड़े न हों।
जलभराव वाले रास्तों और उफनते नदी-नालों को पार करने से बचें।
यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लें।
कहां देखें मौसम का ताजा अपडेट
सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली के लिए मौसम की ताजा चेतावनी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है। बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी में बदलाव संभव है, इसलिए मौसम संबंधी निर्णय लेने से पहले नवीनतम जिलेवार पूर्वानुमान की जांच करें।