लखनऊ। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को निशाना बनाकर टेलीग्राम पर चल रहे एक बड़े ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी विभिन्न टेलीग्राम चैनलों के जरिए छात्रों को परीक्षा का प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी पहले से उपलब्ध कराने का झांसा देते थे और इसके बदले उनसे पैसे वसूलते थे।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने हाल ही में एक अंतरराज्यीय गिरोह के कथित सरगना को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड समेत कई राज्यों के अभ्यर्थियों को निशाना बना रहा था। आरोपी टेलीग्राम पर “पेपर लीक” और “प्राइवेट चैनल” जैसे नामों से समूह बनाकर दावा करते थे कि उनके पास आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र मौजूद हैं।
पुलिस के अनुसार, छात्रों को पहले कम राशि जमा कराने के लिए कहा जाता था। कई मामलों में ₹2000 या उससे अधिक रकम लेकर उन्हें फर्जी प्रश्नपत्र, पुराने पेपर या बेकार सामग्री भेज दी जाती थी। कुछ चैनल परीक्षा से ठीक पहले “सीमित सीट” और “अंतिम मौका” जैसे संदेश भेजकर छात्रों पर दबाव बनाते थे।
जांच एजेंसियों ने बताया कि ऐसे अधिकांश दावे फर्जी होते हैं और उनका उद्देश्य केवल छात्रों से पैसे ऐंठना होता है। हाल के महीनों में कई परीक्षाओं को लेकर टेलीग्राम पर पेपर बेचने के दावे सामने आए, जिनकी जांच के बाद उन्हें भ्रामक या धोखाधड़ी से जुड़ा पाया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि अभ्यर्थियों को ऐसे किसी भी चैनल, लिंक या संदेश पर भरोसा नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति परीक्षा का पेपर, उत्तर कुंजी या रिजल्ट पहले से उपलब्ध कराने का दावा करता है तो उसकी सूचना तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या स्थानीय पुलिस को देनी चाहिए।