नई दिल्ली। घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अब भी प्रत्येक घरेलू गैस सिलेंडर पर करीब 700 रुपये तक की अंडर-रिकवरी (नुकसान) झेल रही हैं। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और आयात लागत बढ़ने से यह स्थिति बनी हुई है।
सरकार के अनुसार, देश में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की वृद्धि की गई है। इसके बाद दिल्ली में सिलेंडर का दाम 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गया है। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बढ़ोतरी है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात सुनिश्चित करने जैसे कदम उठाए हैं, लेकिन इसके बावजूद तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी लगभग 700 रुपये प्रति सिलेंडर बनी हुई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की लागत काफी बढ़ चुकी है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं पर पूरा बोझ नहीं डाला गया है और कीमतों का एक हिस्सा सरकार तथा सरकारी तेल कंपनियां वहन कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण आने वाले समय में ईंधन कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।