भोपाल। डिजिटल डेस्क
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत का मामला अब भोपाल तक पहुंच गया है। मामले में कार्रवाई और जवाबदेही की मांग को लेकर सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने बुधवार को वल्लभ भवन के सामने मौन धरना दिया, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
वल्लभ भवन के बाहर बैठे थे अभय मिश्रा
सेमरिया विधायक अभय मिश्रा बुधवार सुबह अपने समर्थकों के साथ भोपाल स्थित मंत्रालय यानी वल्लभ भवन के सामने पहुंचे। उन्होंने रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में जिम्मेदारी तय करने, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मौन धरना शुरू किया।
विधायक ने इस मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की भी मांग की। इससे पहले कांग्रेस की ओर से रीवा में भी इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
पुलिस ने धरना स्थल से हिरासत में लिया
रिपोर्टों के मुताबिक, धरने के दौरान पुलिस और विधायक के बीच बातचीत हुई। धरना समाप्त नहीं करने पर पुलिस ने अभय मिश्रा को वहां से हटाया और हिरासत में ले लिया। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए पोस्टर और बैनर भी हटाए तथा प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया।
कुछ रिपोर्टों में पुलिस की कार्रवाई को विधायक को ‘जबरन उठाकर ले जाना’ बताया गया है, जबकि आधिकारिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों में उन्हें हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है। इसलिए खबर में “हिरासत में लिया” शब्द अधिक उपयुक्त है।
कल्पना मिश्रा की मौत के बाद लगातार कार्रवाई
रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, दो डॉक्टरों और संबंधित नर्सिंग स्टाफ को निलंबित किया गया था। इसके बाद अस्पताल के अधीक्षक और मेडिकल कॉलेज के डीन के स्तर पर भी कार्रवाई की गई। मामले की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
अभय मिश्रा की हिरासत के बाद कांग्रेस नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर प्रदर्शन की आवाज दबाने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए विधायक को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए।
वहीं, कल्पना मिश्रा की मौत का मामला अब राजनीतिक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी रीवा में धरना देकर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग की थी।