बुजुर्ग की पीठ पर सवार होकर पानी भरा गड्ढा पार कर रहा था पटवारी, वीडियो वायरल होते ही निलंबित

सीधी। डिजिटल डेस्क

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के ग्राम माटा से सरकारी कर्मचारी के कथित अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक पटवारी बुजुर्ग ग्रामीण की पीठ पर सवार होकर पानी से भरा गड्ढा पार करता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने और ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पटवारी नीलेश नामदेव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पूरे मामले की जांच अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय कर रहे हैं।

बुजुर्ग की पीठ पर सवार होकर गड्ढा पार करने का वीडियो

मामला ग्राम माटा के हल्का क्षेत्र का है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति पानी से भरे गड्ढे को पार करने के दौरान बुजुर्ग ग्रामीण की पीठ पर बैठा नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान पटवारी नीलेश नामदेव के रूप में की है।

बताया गया कि बुजुर्ग ग्रामीण की उम्र करीब 65 वर्ष है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और मामले में प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि किसी बुजुर्ग व्यक्ति की पीठ पर बैठकर पानी भरा रास्ता पार करना उसके सम्मान और गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने इस व्यवहार को असंवेदनशील और अपमानजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

जनसुनवाई में शिकायत, कलेक्टर से भी कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर ग्रामीणों ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में वायरल वीडियो की जांच कराने और पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति पटवारी ही है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

कलेक्टर के निर्देश पर गांव पहुंचे एडीएम

वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने मामले की जांच के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय ग्राम माटा पहुंचे और पूरे प्रकरण की जांच शुरू की।

प्रशासन की जांच में वायरल वीडियो से जुड़े घटनाक्रम के साथ ग्रामीणों द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों को भी शामिल किया गया है।

प्रथम दृष्टया असंवेदनशील व्यवहार मिलने पर निलंबन

मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोपद बनास प्रिया पाठक ने पटवारी हल्का माटा नीलेश नामदेव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

प्रशासन के अनुसार, प्रथम दृष्टया पटवारी का व्यवहार असंवेदनशील एवं अपमानजनक पाया गया है। इसके आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।

पट्टे और सरकारी योजनाओं को लेकर भी शिकायत

वायरल वीडियो के अलावा ग्रामीणों ने पटवारी के खिलाफ अन्य शिकायतें भी की हैं। जनसुनवाई में दिए गए आवेदनों में शासकीय पट्टा, पीएम किसान सम्मान निधि, जाति प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े कामों के लिए सेवा शुल्क मांगे जाने का आरोप लगाया गया है।

इन आरोपों की भी प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है। अभी इन शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

जांच के बाद आगे की कार्रवाई

अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में वायरल वीडियो की परिस्थितियों, पटवारी के व्यवहार और ग्रामीणों की अन्य शिकायतों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

प्रशासन ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पटवारी को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *