नई दिल्ली। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग घर और ऑफिस में एयर कंडीशनर (AC) का सहारा लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक एसी में बैठना शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का कारण भी बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार ठंडे और शुष्क वातावरण में रहने से शरीर से नमी कम होती रहती है, जिसका असर कई बार तुरंत दिखाई नहीं देता।
डॉक्टरों के अनुसार, एसी कमरे की हवा से नमी को कम कर देता है। इससे शरीर की त्वचा और श्वसन तंत्र से धीरे-धीरे पानी की कमी होने लगती है। कई लोग प्यास महसूस न होने के कारण पर्याप्त पानी नहीं पीते, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा और बढ़ जाता है।
क्यों बढ़ता है डिहाइड्रेशन का खतरा?
विशेषज्ञ बताते हैं कि एयर कंडीशनर वातावरण को ठंडा करने के साथ-साथ हवा को ड्राई भी बनाता है। लंबे समय तक ऐसे माहौल में रहने से शरीर की प्राकृतिक नमी कम होने लगती है। इसके अलावा ऑफिस में बार-बार चाय, कॉफी या कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन भी शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकता है।
डिहाइड्रेशन के 7 संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें
- बार-बार मुंह सूखना
- सिरदर्द या चक्कर आना
- अत्यधिक थकान महसूस होना
- त्वचा का रूखा पड़ना
- आंखों में सूखापन या जलन
- पेशाब का रंग गहरा होना
- ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
यदि ये लक्षण लगातार दिखाई दें तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऑफिस में कैसे रखें खुद को हाइड्रेट?
- हर घंटे थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
- चाय और कॉफी का सेवन सीमित करें।
- पानी से भरपूर फल जैसे तरबूज, खीरा और संतरा खाएं।
- अपनी डेस्क पर हमेशा पानी की बोतल रखें।
- जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक का सेवन करें।
- लंबे समय तक लगातार एसी में बैठने के बजाय बीच-बीच में बाहर निकलकर ताजी हवा लें।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
डॉक्टरों के मुताबिक बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज के मरीजों और लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वाले कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इन लोगों में डिहाइड्रेशन के लक्षण अपेक्षाकृत जल्दी दिखाई दे सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एसी का इस्तेमाल नुकसानदायक नहीं है, लेकिन पर्याप्त पानी पीना और शरीर के संकेतों को समझना बेहद जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही स्वास्थ्य पर बड़ा असर डाल सकती है।