16 पासपोर्ट लेकर घूमता है यह भारतीय

दुनिया के अधिकांश लोगों के लिए एक पासपोर्ट ही विदेश यात्रा के लिए पर्याप्त होता है, लेकिन भारत के एक शख्स के पास एक-दो नहीं बल्कि 16 पासपोर्ट हैं। पहली नजर में यह बात चौंकाने वाली लग सकती है, लेकिन इसके पीछे की वजह भी उतनी ही दिलचस्प है। यह कहानी बेंगलुरु के रहने वाले बेनी प्रसाद की है, जिन्होंने दुनिया के लगभग हर देश और क्षेत्र की यात्रा कर एक अनोखा विश्व रिकॉर्ड बनाया। बेनी प्रसाद को दुनिया के सबसे तेज़ी से सभी देशों और क्षेत्रों की यात्रा करने वाले व्यक्तियों में गिना जाता है।

क्यों रखने पड़ते हैं 16 पासपोर्ट?

आमतौर पर एक भारतीय पासपोर्ट में सीमित संख्या में वीजा और इमिग्रेशन स्टैंप लग सकते हैं। लेकिन बेनी प्रसाद लगातार वर्षों तक दुनिया के अलग-अलग देशों की यात्रा करते रहे। ऐसे में उनके पासपोर्ट के पन्ने जल्दी भर जाते थे। बार-बार यात्रा करने और नए वीजा पाने के लिए उन्हें समय-समय पर नए पासपोर्ट जारी कराने पड़े। इसी वजह से वर्षों में उनके पास कुल 16 पासपोर्ट जमा हो गए। वे अक्सर अपने पुराने पासपोर्ट भी साथ रखते हैं क्योंकि कई देशों के वैध वीजा, यात्रा रिकॉर्ड और इमिग्रेशन इतिहास पुराने पासपोर्ट में दर्ज रहते हैं।

कमजोर पासपोर्ट के बावजूद बनाया रिकॉर्ड

बेनी प्रसाद ने कई इंटरव्यू में बताया है कि भारतीय पासपोर्ट के साथ दुनिया के कई देशों में वीजा प्राप्त करना आसान नहीं होता। कई बार उन्हें लंबी वीजा प्रक्रियाओं, दस्तावेजी जांच और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दुनिया के लगभग सभी मान्यता प्राप्त देशों और क्षेत्रों की यात्रा पूरी कर एक अनूठा रिकॉर्ड कायम किया।

कौन हैं बेनी प्रसाद?

बेनी प्रसाद पेशे से संगीतकार, मोटिवेशनल स्पीकर और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने एक विशेष प्रकार का वाद्य यंत्र “बेंटर” (Bentar) भी विकसित किया, जिसे दुनिया का पहला बोंगो-गिटार माना जाता है। वे दुनिया भर में संगीत कार्यक्रमों, प्रेरक व्याख्यानों और सामाजिक अभियानों में हिस्सा ले चुके हैं। कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों, संसदों और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भी वे प्रस्तुति दे चुके हैं।

6 साल 6 महीने में पूरी दुनिया

रिपोर्ट्स के मुताबिक बेनी प्रसाद ने लगभग 6 साल 6 महीने और 22 दिनों में दुनिया के सभी देशों और क्षेत्रों की यात्रा पूरी की थी। इसी उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

यात्रा से मिला बड़ा संदेश

बेनी प्रसाद का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि अलग-अलग संस्कृतियों, लोगों और देशों को समझना भी था। उनका मानना है कि यात्रा लोगों के बीच दूरी कम करती है और नई सोच विकसित करने में मदद करती है।

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