पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच के दौरान एक ऐसा सुराग मिला जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। पुलिस की नजर एक ऐसे युवक पर गई जो 33 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में हुडी पहनकर लोहागढ़ किले के आसपास घूमता दिखाई दिया। यही सुराग बाद में कथित साजिश का पर्दाफाश करने में अहम साबित हुआ।
शुरुआत में केतन अग्रवाल की मौत को ट्रेकिंग के दौरान हुआ हादसा माना गया था। लेकिन परिवार की शंका और पुलिस की गहन जांच के बाद मामला हत्या में बदल गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर पूरी साजिश रची थी।
CCTV में दिखा संदिग्ध युवक
पुलिस को लोहागढ़ किले के टिकट काउंटर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक युवक दिखाई दिया। वह हुडी और हेडसेट पहनकर केतन और सिया के पीछे-पीछे चलता नजर आया। अधिकारियों को सबसे ज्यादा हैरानी इस बात पर हुई कि जून की भीषण गर्मी में कोई व्यक्ति इस तरह चेहरा छिपाकर क्यों घूम रहा था।
जांच में सामने आया कि यह युवक चेतन चौधरी था। पुलिस का कहना है कि उसने पहचान छिपाने के लिए अपना चेहरा ढका हुआ था और मोबाइल लोकेशन से बचने के लिए अपना फोन भी कार्यस्थल पर छोड़ दिया था।
हजारों कॉल ने बढ़ाया शक
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को सिया और चेतन के बीच लंबे समय से लगातार संपर्क के सबूत मिले। कॉल डिटेल रिकॉर्ड में दोनों के बीच हजारों कॉल और घंटों तक हुई बातचीत का पता चला। इसके बाद जांच का फोकस पूरी तरह दोनों पर केंद्रित हो गया।
पहले भी किए गए थे कथित प्रयास
पुलिस के अनुसार, यह पहली बार नहीं था जब केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। जांच में दावा किया गया है कि इससे पहले भी कई बार कथित तौर पर योजना बनाई गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। एक बार तो कथित तौर पर सांप का बहाना बनाकर केतन को खाई की ओर धकेलने की कोशिश की गई थी।
परिवार की शंका से खुला मामला
केतन के परिवार ने शुरू से ही मौत को साधारण हादसा मानने से इनकार कर दिया था। परिजनों का कहना था कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और इतनी आसानी से दुर्घटना का शिकार नहीं हो सकता। परिवार के लगातार दबाव के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की और कई अहम सुराग जुटाए।
पुलिस हिरासत में आरोपी
पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों में कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस डिजिटल सबूतों के साथ अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।