इंदौर। डिजिटल डेस्क
इंदौर में शनिवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से सीधे संवाद किया। मंच पर मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए छात्रों ने शिक्षा, भर्ती, परीक्षा, छात्रवृत्ति, हॉस्टल और रोजगार से जुड़ी अपनी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने अपने अनुभव बताए और राहुल गांधी ने उनसे सवाल-जवाब किए।
कार्यक्रम की शुरुआत
राहुल गांधी ने कार्यक्रम की शुरुआत में इंदौर में स्वागत के लिए लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कोटा, देहरादून और पुणे के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम इंदौर में हो रहा है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ रखा गया है। उनके अनुसार इसमें छात्र बताएंगे कि व्यवस्था क्या है, वह छात्रों को किस तरह प्रभावित करती है और उनके भविष्य के सामने क्या चुनौतियां हैं।
कार्यक्रम में पेपर लीक, संस्थागत समस्याएं, बुनियादी सुविधाओं की कमी, शिक्षा की लागत और रोजगार जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई।
MPPSC अभ्यर्थी ने भर्ती का मुद्दा उठाया
सतना से पहुंचे अखिल भारती क्रांति ने बताया कि वह MPPSC की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में लंबे समय से अटके पदों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि कई अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू तक की प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे इंतजार के कारण कई अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर चुके हैं।
नर्सिंग छात्रा ने बताई छह साल की पढ़ाई की परेशानी
याशिका दानी ने राहुल गांधी को बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 में नर्सिंग में प्रवेश लिया था। चार साल में कोर्स पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन वर्ष 2026 में भी वह तीसरे वर्ष में हैं।
उन्होंने कहा कि उनका रिजल्ट नहीं आया और चौथे वर्ष की परीक्षा भी नहीं हो रही है। उनका कहना था कि डिग्री पूरी नहीं होने के कारण नौकरी का रास्ता भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
राजगढ़ की छात्रा ने आरक्षण और भर्ती का मुद्दा उठाया
राजगढ़ की सपना गुर्जर ने आरक्षण और सरकारी भर्ती से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू होने और बाद में कई पदों पर नियुक्तियां रुकने की बात कही।
मंच पर उन्होंने सरकारी भर्ती में छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं को रखा।
देवास के छात्र ने MPPSC और पेपर लीक का मुद्दा उठाया
देवास से आए एक छात्र ने MPPSC और भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी समस्याएं बताईं। उन्होंने पेपर लीक से संबंधित शिकायतों का भी मुद्दा उठाया।
उन्होंने दावा किया कि भर्ती से जुड़े मुद्दे उठाने वाले कुछ छात्रों पर मामले दर्ज किए गए और उन्हें जेल तक जाना पड़ा।
धार के छात्र ने स्वास्थ्य और हॉस्टल की बात रखी
धार से आए एक छात्र ने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं, जमीन के पट्टों, खाली सरकारी पदों और हॉस्टल की समस्याएं बताईं।
उन्होंने खरगोन में जमीन के पट्टों से जुड़े मामले और बालाघाट में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया।
विश्वविद्यालय में प्रवेश का मामला भी उठा
माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के एक छात्र ने मास्टर्स में प्रवेश से जुड़ी समस्या बताई। छात्र के अनुसार अच्छी ग्रेड होने के बावजूद उसे प्रवेश नहीं मिला।
छात्र ने इंटरव्यू की स्कोर शीट मांगी तो उसे बताया गया कि ऐसी कोई स्कोर शीट रखी ही नहीं गई है।
कृषि छात्र ने शिक्षकों और सुविधाओं का मुद्दा उठाया
एक कृषि छात्र ने कॉलेज में स्थायी शिक्षकों की कमी, क्लासरूम और छात्राओं के लिए जरूरी सुविधाओं की समस्या रखी।
एक छात्रा ने छात्रवृत्ति, आवास संबंधी सहायता और सरकारी हॉस्टल में सीट नहीं मिलने की परेशानी बताई।
किराए और हॉस्टल की समस्या भी सामने आई
इंदौर में पढ़ने वाले छात्रों ने कमरे का बढ़ता किराया, सरकारी हॉस्टल में सीटों की कमी और रहने की सुविधाओं से जुड़ी परेशानियां भी बताईं। पढ़ाई का बढ़ता खर्च भी छात्रों की ओर से उठाया गया।
छात्रों ने कहा- ‘हम सिस्टम से हार गए’
परीक्षा व्यवस्था पर बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि कुछ अभ्यर्थियों से भी गलतियां हो सकती हैं, लेकिन छात्रों का सिस्टम पर भरोसा खत्म होना चिंता की बात है।
इसी दौरान छात्रों की ओर से जवाब आया—’सर, हम सिस्टम से हार गए।’
गांधी ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार होने पर इसका नुकसान लाखों छात्रों को उठाना पड़ता है। उन्होंने पारदर्शी परीक्षा और चयन प्रक्रिया को लेकर छात्रों के सवालों का जिक्र किया।
राहुल गांधी ने कहा- स्टूडेंट सवाल पूछता है
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि छात्र सवाल पूछता है और व्यवस्था से जवाब मांगता है। उन्होंने कहा कि छात्र यह सवाल करता है कि स्कूल-कॉलेजों की स्थिति ऐसी क्यों है, बुनियादी ढांचा क्यों खराब है, पेपर लीक क्यों होते हैं और युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा है।
उन्होंने ‘स्टूडेंट’ और ‘अंधभक्त’ के बीच अंतर बताते हुए कहा कि स्टूडेंट जिज्ञासु होता है और सवाल करता है। उन्होंने ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसी सोच सवाल नहीं करती।
राहुल ने अमित शाह के बेटे और संस्थाओं का जिक्र किया
राहुल गांधी ने अपने भाषण में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे का क्रिकेट प्रशासन में पद मिलने का जिक्र किया और सवाल उठाया कि उन्हें यह जिम्मेदारी कैसे मिली।
उन्होंने न्यायपालिका और चुनाव आयोग समेत विभिन्न संस्थाओं के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए।
‘अंधभक्त’ के छह लक्षण बताए
राहुल गांधी ने अपने भाषण में ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए उसकी तुलना स्टूडेंट से की। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट जिज्ञासु, प्रेम और सम्मान से बात करने वाला, विनम्र और निडर होता है।
इसके विपरीत उन्होंने ‘अंधभक्त’ को सवाल नहीं पूछने वाला, नफरत और डर की बात करने वाला तथा अहंकार से भरा बताया। उन्होंने महिलाओं के सम्मान और ईमानदारी का भी जिक्र किया।
कार्यक्रम में वीडियो भी दिखाया गया
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने एक वीडियो दिखाया, जिसमें भाजपा सांसद कंगना रनौत का एक पुराना बयान भी शामिल था। वीडियो के बाद राहुल गांधी ने शिक्षा, स्कूल-कॉलेज और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए।
दिल्ली हॉस्टल हादसे का जिक्र
राहुल गांधी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हॉस्टल हादसे की क्लिप भी कार्यक्रम में दिखाई। उन्होंने हॉस्टल और सरकारी बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठाया।
उन्होंने देवास निवासी 21 वर्षीय अर्पित जाज के परिवार का भी जिक्र किया, जिनकी दिल्ली में हुए हादसे में मौत की बात कार्यक्रम में रखी गई।
राहुल गांधी बोले- शिक्षा सरकार की जिम्मेदारी
राहुल गांधी ने कहा कि ‘स्टूडेंट देश की नींव है’ और शिक्षा कोई सुविधा या विलासिता नहीं, बल्कि अधिकार है।
उन्होंने कहा कि किंडरगार्टन से लेकर स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और रोजगार तक की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकारी स्कूलों, शिक्षकों के खाली पदों, छात्रवृत्ति और हॉस्टल से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
मंच पर हुई प्रधानमंत्री मोदी की मिमिक्री
कार्यक्रम के दौरान मनोरंजन का हिस्सा भी रखा गया। मंच पर हास्य कलाकार पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली।
बाहर बड़ी संख्या में छात्रों ने स्क्रीन पर देखा कार्यक्रम
कार्यक्रम स्थल पर क्षमता से अधिक छात्रों के पहुंचने की खबरें सामने आईं। कई छात्र अंदर प्रवेश नहीं कर सके और बाहर लगी बड़ी स्क्रीन पर कार्यक्रम देखते रहे।
इंजीनियरिंग छात्र नकुल दवे ने बताया कि अधिक भीड़ के कारण उन्हें अंदर जगह नहीं मिली और उन्होंने बाहर स्क्रीन पर कार्यक्रम देखा। कार्यक्रम के दौरान आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की भी रिपोर्ट सामने आई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी के कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘छात्रों की गूंज’ के नाम पर कांग्रेस के एजेंडे को आगे बढ़ाया गया और युवाओं के सामने तथ्यों के साथ बात रखी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में शिक्षा बजट और स्कूल शिक्षा से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया।