‘आदर्श’ गौशाला की दर्दनाक तस्वीर, 17 दिन से नहीं पहुंचे डॉक्टर; 9 दिन में 21 पशुओं की मौत

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की पाठाढाना आदर्श गौशाला एक बार फिर गंभीर लापरवाही के आरोपों को लेकर चर्चा में है। नगर निगम के अधीन संचालित इस गौशाला में पिछले 9 दिनों के भीतर 21 पशुओं की मौत होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गौशाला में न तो पर्याप्त साफ-सफाई है और न ही बीमार पशुओं के इलाज की समुचित व्यवस्था। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि एक ही दिन में 9 पशुओं की मौत दर्ज की गई, जबकि अगले दिन भी पांच पशुओं ने दम तोड़ दिया।

गंदगी, कीचड़ और सूखे पानी के टैंक

स्थानीय लोगों और गौशाला से जुड़े सूत्रों के अनुसार परिसर में चारों ओर गंदगी और कीचड़ फैला हुआ है। कई स्थानों पर पशुओं के पीने के पानी के टैंक खाली पड़े हैं। बरसात के मौसम में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिससे कमजोर और बीमार पशुओं की हालत लगातार बिगड़ रही है।

22 जून के बाद नहीं पहुंचे पशु चिकित्सक

गौशाला के विजिट रजिस्टर और कर्मचारियों के अनुसार 22 जून के बाद से पशु चिकित्सक ने गौशाला का निरीक्षण नहीं किया। ऐसे में बीमार पशुओं को समय पर इलाज नहीं मिल सका। आरोप है कि चिकित्सा सुविधा के अभाव में कई पशुओं की मौत हो गई। यदि यह दावा सही है, तो यह पशु कल्याण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

एक महीने में 90 से ज्यादा मौतों का दावा

स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि पिछले एक महीने के भीतर गौशाला में 90 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। यदि यह सही पाया जाता है, तो मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता होगी।

जिम्मेदारों पर उठ रहे सवाल

गौशाला की बदहाल स्थिति को लेकर नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। पशु प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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