छिंदवाड़ा में खाद घोटाले की आशंका, 1 हजार रुपये में बन रहे थे फर्जी ई-टोकन

छिंदवाड़ा। जिले के चौरई में किसानों के लिए जारी होने वाले खाद के ऑनलाइन ई-टोकन में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सोमवार को दो युवक संदिग्ध ई-टोकन लेकर खाद वितरण केंद्र पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों को टोकन पर संदेह होने के बाद पूछताछ शुरू हुई। इस दौरान एक युवक भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन दोनों को पकड़कर प्रशासन के हवाले कर दिया गया।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

प्रारंभिक पूछताछ में युवकों ने बताया कि उन्होंने प्रति कूपन 1 हजार रुपये देकर फर्जी तरीके से ई-टोकन बनवाए थे। उनके पास कुल पांच टोकन थे, जिनके लिए उन्होंने करीब 5 हजार रुपये चुकाए थे। आरोप है कि इन टोकनों के जरिए खाद लेकर उसे बाजार में अधिक कीमत पर बेचने की योजना थी।

जमीन के आधार पर मिलता है खाद का कोटा

सरकार की नई व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी भूमि के रकबे के अनुसार डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरकों का कोटा ऑनलाइन ई-टोकन के माध्यम से दिया जाता है। बिना पात्रता के ई-टोकन बनवाने की आशंका ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ब्लैक मार्केटिंग का भी शक

स्थानीय सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये वाली यूरिया 600 रुपये तक और डीएपी निर्धारित कीमत से काफी अधिक दाम पर बेची जा रही है। आशंका है कि फर्जी ई-टोकन के जरिए खरीदी गई खाद की कालाबाजारी की जा रही थी। पूछताछ में युवकों ने दावा किया कि सिरस क्षेत्र का एक व्यापारी इस पूरे नेटवर्क का संचालन करता है और भोपाल के माध्यम से तत्काल ई-टोकन जनरेट कराने की व्यवस्था करता है। हालांकि प्रशासन ने इस संबंध में अभी किसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

एसडीएम प्रभात मिश्रा ने बताया कि संदिग्ध युवकों से पूछताछ कराई जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कृषि विभाग ने समिति को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *