छिंदवाड़ा में 10 मिनट में सिमटा जन विश्वास अभियान का शिविर, शिकायतें लेकर लौटे किसान

छिंदवाड़ा। डिजिटल डेस्क

मुख्यमंत्री के नाम पर चलाए जा रहे जन विश्वास अभियान के तहत छिंदवाड़ा के छोटी बाजार स्थित शहर संभाग नगर वितरण केंद्र में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर को लेकर सवाल उठे हैं। आरोप है कि ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह की मौजूदगी में शुरू हुआ शिविर करीब 10 मिनट में समाप्त हो गया और कई उपभोक्ताओं व किसानों की शिकायतें सुने बिना ही अधिकारी वहां से चले गए।

अधिकारियों के जाने के बाद दर्ज हुईं 42 शिकायतें

शिविर में बिजली उपभोक्ता अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक प्रमुख सचिव के शिविर से जाने के बाद 42 उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज की गईं।

वहीं चौरई विकासखंड के ग्राम बींझावाड़ा से करीब एक दर्जन किसान भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर अधिकारियों से चर्चा नहीं हो सकी और उन्हें वापस लौटना पड़ा।

कृषि पंपों की बिलिंग का मुद्दा उठा

किसान मुकेश पटेल ने कृषि पंपों की बिजली बिलिंग का मुद्दा ऊर्जा सचिव के सामने रखा। उनका कहना था कि कृषि पंपों पर फ्लैट रेट बिलिंग बंद कर मीटर के आधार पर बिल जारी किए जा रहे हैं और इससे उपभोक्ताओं पर अधिक राशि का भार पड़ रहा है।

इस पर उन्हें विद्युत नियामक आयोग की ओर से निर्धारित टैरिफ नियमों की जानकारी दी गई।

स्मार्ट मीटर और सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर शिकायतें

शिविर में पहुंचे उपभोक्ताओं ने बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और नए कनेक्शन से जुड़ी कई समस्याएं उठाईं। इनमें कृषि पंपों के लिए फ्लैट रेट बिलिंग, स्मार्ट मीटर की रीडिंग, किराए के मकानों और नए परिसरों में मीटर आवंटन तथा कृषि पंप कनेक्शन पर ली जाने वाली सुरक्षा निधि जैसे मुद्दे शामिल थे।

उपभोक्ताओं का कहना है कि वे इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर शिविर में पहुंचे थे, लेकिन प्रमुख सचिव के चले जाने के बाद कई शिकायतें अधिकारियों के सामने रखी गईं।

प्रमुख सचिव ने अन्य स्थानों का भी किया दौरा

प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह ने अपने दौरे के दौरान आईटीआई संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रवेश, प्रशिक्षण और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। महिला आईटीआई में बालिका छात्रावास का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा उन्होंने सलैया स्थित एचएफडीएल फैक्ट्री का अवलोकन किया। जुन्नारदेव के ग्राम डुंगरिया में आयोजित शिविर में ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और इसके बाद सारणी के लिए रवाना हो गए।

शिकायतों के निराकरण पर उठे सवाल

छिंदवाड़ा के छोटी बाजार में आयोजित शिविर को लेकर सामने आए आरोपों ने जन समस्या निवारण शिविरों में शिकायतों की सुनवाई और उनके तत्काल निराकरण को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई 42 शिकायतों पर आगे क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है।

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