अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य मशीनरी में से एक है, लेकिन उसके कई अत्याधुनिक हथियारों के पीछे ऐसी सप्लाई चेन है, जिस पर चीन का मजबूत प्रभाव है। मामला है Rare Earth और Critical Minerals का, जो आधुनिक हथियारों के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं।
Rare Earth आखिर इतना महत्वपूर्ण क्यों है
Rare Earth 17 तत्वों का समूह है। इनका इस्तेमाल खास तरह के मजबूत और उच्च तापमान सहने वाले Permanent Magnets बनाने में किया जाता है।
यही मैग्नेट आधुनिक सैन्य तकनीक में कई जगह काम आते हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग के दस्तावेजों में F-35 और F-16 जैसे लड़ाकू विमानों, JDAM जैसे हथियारों और अन्य Weapon Systems के लिए Rare Earth और Critical Minerals की जरूरत का उल्लेख किया गया है।
इनका इस्तेमाल सिर्फ Fighter Jets तक सीमित नहीं है। मिसाइल Guidance Systems, Radar, Drones और दूसरे Advanced Defense Platforms में भी इनकी भूमिका है। AP की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक Tomahawk Cruise Missiles, THAAD Interceptors और F-35 जैसे सिस्टम Critical Minerals पर निर्भर हैं।
असली ताकत Mining नहीं, Processing में है
चीन की सबसे बड़ी बढ़त सिर्फ Rare Earth निकालने में नहीं है। उसकी असली ताकत इन खनिजों को अलग करने, शुद्ध करने और उनसे Magnets बनाने की Processing क्षमता में है।
अमेरिकी रक्षा विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन दुनिया की Rare Earth Processing और Refining क्षमता के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर नियंत्रण रखता है। रिपोर्ट ने इसे अमेरिकी और सहयोगी देशों की Critical Supply Chains के लिए रणनीतिक जोखिम बताया था।
यही वजह है कि अमेरिका के लिए सिर्फ अपने देश में Rare Earth Mine होना पर्याप्त नहीं है। Mine से निकले खनिज को उपयोगी Material और फिर High-performance Magnet में बदलने के लिए पूरी Supply Chain की जरूरत होती है।
अमेरिका में Rare Earth निकलता है, फिर भी परेशानी क्यों
अमेरिका में California का Mountain Pass दुनिया की प्रमुख Rare Earth Mines में शामिल है। लेकिन Mining के बाद Processing और Magnet Manufacturing की क्षमता बढ़ाना बड़ी चुनौती है।
यही कारण है कि अमेरिका अब घरेलू Supply Chain तैयार करने पर जोर दे रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग 2020 से Rare Earth की Domestic Supply Chain को मजबूत करने के लिए सैकड़ों मिलियन डॉलर की सहायता दे चुका है।
अमेरिका की कोशिश अब Mine से लेकर Processing, Alloy और Magnet Manufacturing तक पूरी व्यवस्था को देश के भीतर या भरोसेमंद सहयोगी देशों के साथ विकसित करने की है।
Lockheed Martin भी तलाश रहा घरेलू विकल्प
इस निर्भरता को कम करने की कोशिश सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं है। दुनिया की सबसे बड़ी Defense Companies में से एक Lockheed Martin अमेरिकी खनिज कंपनियों से जरूरी Minerals की Supply के लिए बातचीत कर रही है।
Reuters के मुताबिक Lockheed, Scandium की Supply के लिए NioCorp और Germanium के लिए Teck Resources तथा 5N Plus के साथ बातचीत कर रहा है। Scandium Aircraft Components में इस्तेमाल होने वाले हल्के और मजबूत Alloys में काम आता है, जबकि Germanium Military Equipment और Infrared Sensors में उपयोगी है।
Reuters के अनुसार NioCorp ने Nebraska में प्रस्तावित Mine से Lockheed को सालाना 15 मीट्रिक टन Scandium देने के लिए प्रारंभिक समझौता किया है। हालांकि यह Supply पूरी तरह शुरू होने में अभी समय लगेगा और Mine का उत्पादन 2028 के आसपास शुरू होने की योजना है।
चीन ने सप्लाई सीमित की तो क्या अमेरिका के Fighter Jets रुक जाएंगे
यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है। चीन की Supply पर निर्भरता का मतलब यह नहीं है कि चीन अगर Rare Earth की Supply रोक दे तो अमेरिका के सारे Fighter Jets तुरंत उड़ना बंद कर देंगे। असल जोखिम लंबे समय की Supply Disruption से जुड़ा है।
अगर जरूरी Minerals और Magnets की लगातार कमी रहती है तो नए हथियारों का Production, पुराने Systems की Maintenance और Weapons Stockpiles को दोबारा भरने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
AP की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी हथियारों में इस्तेमाल होने वाले Critical Minerals की Supply को बढ़ाने में समय लगेगा, जबकि अमेरिकी सेना पहले से ही कुछ Advanced Missile Interceptors के Stockpiles को लेकर दबाव में है।
चीन की पकड़ क्यों बनी हुई है
चीन ने पिछले कई वर्षों में Rare Earth के Mining से ज्यादा महत्वपूर्ण Processing और Refining Infrastructure तैयार किया है। इसका मतलब यह है कि दुनिया के किसी दूसरे हिस्से में Rare Earth का भंडार मिलने के बावजूद उसे उपयोगी Material में बदलने के लिए चीन की Processing क्षमता पर निर्भरता बनी रह सकती है। यही Supply Chain Advantage अब अमेरिका के लिए Strategic Concern बन गया है।
अमेरिकी रक्षा विभाग की रिपोर्टों में भी Critical Minerals पर चीन के नियंत्रण को उसकी Defense Industrial Base और High-end Weapons Platforms की Supply Chain के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया है।
अमेरिका अब क्या कर रहा है
Washington अब China Dependence कम करने के लिए Domestic Mining, Processing और Magnet Manufacturing को बढ़ावा दे रहा है।
इसके साथ ही अमेरिकी Defense Companies को घरेलू और Allied Countries से Critical Minerals हासिल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। Reuters के मुताबिक Trump प्रशासन ने Defense Contractors की China-sourced Minerals पर निर्भरता घटाने के लिए दबाव बढ़ाया है।
AP के मुताबिक अमेरिका में नई Processing Facilities तैयार करने और Production बढ़ाने की कोशिश चल रही है, लेकिन कई Projects को वास्तविक उत्पादन तक पहुंचने में वर्षों लग सकते हैं।