किन तीन मांगों पर बनी सहमति
करीब 26 दिनों तक चले CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के जंतर-मंतर आंदोलन का शनिवार को औपचारिक समापन हो गया। सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच हुई अंतिम दौर की वार्ता के बाद संगठन ने धरना खत्म करने का ऐलान किया। CJP का दावा है कि उसकी तीनों प्रमुख मांगों पर सरकार ने लिखित सहमति दे दी है।
जंतर-मंतर से खत्म हुआ 26 दिनों का आंदोलन
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से धरना समाप्त करने का ऐलान करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने कहा कि हजारों छात्रों, स्वयंसेवकों और देशभर से मिले समर्थन की बदौलत यह आंदोलन अपने उद्देश्य तक पहुंचा।
धरना खत्म होने की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद समर्थकों ने तालियां बजाकर और नारे लगाकर खुशी जताई।
सरकार और CJP के बीच क्या बनी सहमति?
CJP के अनुसार, सरकार के साथ हुई बैठक में तीनों प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। इनमें—
- NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और तय समय सीमा में कार्रवाई
- 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान दर्ज मामलों की समीक्षा और उचित कानूनी प्रक्रिया
- शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर CJP प्रतिनिधियों के साथ संस्थागत संवाद की व्यवस्था
अभिजीत दीपके बोले— यह जीत सभी छात्रों की
धरना समाप्त करने की घोषणा के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा,
“यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है। यह हर छात्र, हर स्वयंसेवक और हर उस नागरिक की जीत है जिसने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई।”
उन्होंने आंदोलन में सहयोग देने वाले सभी संगठनों और समर्थकों का भी आभार जताया।
सोनम वांगचुक ने भी जताई खुशी
आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन और लोकतांत्रिक संवाद के जरिए समाधान निकलना देश के लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। उन्होंने सभी आंदोलनकारियों को बधाई देते हुए कहा कि अब सरकार को अपने वादों पर अमल करना होगा।
CJP के प्रवक्ताओं ने दी जानकारी
मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता अशुतोष रांका ने मीडिया को बताया कि सरकार के साथ विस्तृत बातचीत के बाद सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी शिक्षा सुधार और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के साथ संवाद जारी रखेगा।
26 दिनों तक चर्चा में रहा आंदोलन
यह आंदोलन कई कारणों से लगातार सुर्खियों में रहा—
- जंतर-मंतर पर लंबा धरना।
- सोनम वांगचुक का अनशन।
- देशभर में छात्रों का समर्थन।
- सोशल मीडिया पर व्यापक अभियान।
- सरकार के साथ कई दौर की बातचीत।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
अब आगे क्या
धरना समाप्त होने के बाद CJP ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन फिलहाल समाप्त किया गया है, लेकिन यदि सहमति के बिंदुओं पर तय समय में अमल नहीं हुआ तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करने का निर्णय ले सकता है।