नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त के संबोधन के बाद सोशल मीडिया पर ‘दिमागी नक्सल’ शब्द चर्चा में आया। इसी बीच ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम से एक सोशल मीडिया पेज सामने आया है। 17 अगस्त की रिपोर्ट के समय इस पेज से करीब 1.85 लाख लोग जुड़े बताए गए थे।
PM मोदी के भाषण के बाद ‘दिमागी नक्सल’ चर्चा में
15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने हथियारबंद नक्सलवाद के साथ ऐसे लोगों का भी उल्लेख किया, जो विचारों के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करते हैं।
इसके बाद सोशल मीडिया पर ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर पोस्ट, मीम और प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। इसी दौरान ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम से सोशल मीडिया पेज भी चर्चा में आया।
‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम से पेज
सोशल मीडिया पर सामने आए इस पेज के नाम में ‘पार्टी’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है। 17 अगस्त की रिपोर्ट के समय इसके करीब 1.85 लाख फॉलोअर्स बताए गए थे।
पेज के संचालक कौन हैं और इसे किस व्यक्ति या समूह ने शुरू किया है, इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। सोशल मीडिया पर इस नाम से अन्य पोस्ट और अकाउंट भी दिखाई दे रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म कैसे हुआ
सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणियों से जुड़े नामों का एक उदाहरण ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) भी है। इसकी शुरुआत मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट में हुई एक टिप्पणी के बाद हुई थी।
15 मई को तत्कालीन घटनाक्रम में CJI सूर्यकांत की मौखिक टिप्पणी को लेकर रिपोर्टें सामने आईं, जिनमें कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ से किए जाने की बात कही गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया शुरू हुई।
अगले दिन CJI सूर्यकांत ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी युवाओं के खिलाफ नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनका निशाना फर्जी और नकली डिग्री के जरिए पेशे में प्रवेश करने वाले लोगों पर था। उन्होंने भारतीय युवाओं के प्रति सम्मान की बात भी कही।
इसी विवाद के बीच अभिजीत दिपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से सोशल मीडिया अभियान शुरू किया। कुछ ही दिनों में यह अभियान तेजी से फैल गया और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ने लगे। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती दिनों में इसके Instagram followers की संख्या तेजी से बढ़ी और यह एक बड़े ऑनलाइन युवा आंदोलन के रूप में सामने आया।
CJP ने पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया
कॉकरोच जनता पार्टी ने आगे चलकर अपना फोकस प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर किया।
जून में CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने NEET-2026 पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था से जुड़े आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
20 जून को भी CJP समर्थक जंतर-मंतर पर जुटे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने थाली और चम्मच बजाकर परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों पर कार्रवाई की मांग की।
‘चलो संसद’ तक पहुंचा आंदोलन
CJP की गतिविधियां बाद में जंतर-मंतर के प्रदर्शन से आगे बढ़ीं। 20 जुलाई को संगठन के नेतृत्व में ‘चलो संसद’ मार्च निकाला गया।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़े इस मार्च में करीब 12 हजार प्रदर्शनकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही शामिल थी।
उस दिन पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर टकराव की स्थिति भी बनी। इंडिया टुडे के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
अब ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ की चर्चा
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बाद अब ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम सोशल मीडिया पर सामने आया है। दोनों नाम अलग-अलग घटनाक्रमों में चर्चित राजनीतिक शब्दों से जुड़े हैं।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का गठन मई में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से जुड़े विवाद के बाद हुआ और बाद में उसने परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक तथा छात्रों के मुद्दों को लेकर सार्वजनिक प्रदर्शन किए।
वहीं ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम का पेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त के संबोधन के बाद सामने आया है। इसके संचालकों और आगे की गतिविधियों को लेकर अभी सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सोशल मीडिया पर राजनीतिक नामों का नया ट्रेंड
दोनों मामलों में सोशल मीडिया पर चर्चित शब्दों को संगठन या अभियान के नाम के तौर पर इस्तेमाल किया गया। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने आगे चलकर वेबसाइट, सदस्यता अभियान और सार्वजनिक आंदोलनों के जरिए अपनी गतिविधियां बढ़ाईं। उसके आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर इसे युवाओं से जुड़े मुद्दों और सामाजिक-राजनीतिक अभियान के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
अब ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम के पेज के साथ भी सोशल मीडिया पर इसी तरह की चर्चा शुरू हुई है। आने वाले दिनों में इस पेज की गतिविधियां और इसके पीछे मौजूद लोगों की जानकारी सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।