सतना। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर प्रसव या सिजेरियन ऑपरेशन नहीं किए जाने के कारण गर्भस्थ शिशु की जान चली गई। घटना के बाद जिला अस्पताल की प्रसूति सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार पोड़ी कोठी निवासी वर्षा सिंह (26) पत्नी शैलेंद्र सिंह को शनिवार रात प्रसव पीड़ा शुरू होने पर कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर किया गया था। प्रसूता को रात 12:57 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का कहना है कि भर्ती के समय महिला का वॉटर डिस्चार्ज हो चुका था और जांच में गर्भस्थ शिशु की धड़कन सामान्य पाई गई थी।
रातभर नहीं हुआ ऑपरेशन, लगाया लापरवाही का आरोप
परिजनों के मुताबिक रात में मेडिकल कॉलेज की एसआर डॉ. अंजली और जेआर डॉ. सेजल ड्यूटी पर थीं, जबकि ऑन कॉल स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. सौम्या तिवारी की ड्यूटी लगाई गई थी। आरोप है कि गर्भस्थ शिशु की धड़कन सुबह तक सामान्य बनी रही, लेकिन न तो सामान्य प्रसव कराने का प्रयास किया गया और न ही समय रहते सिजेरियन ऑपरेशन किया गया।
बताया गया है कि सुबह की पाली में मेडिकल कॉलेज की स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. निलोफर शेख अस्पताल पहुंचीं, लेकिन प्रसूता की स्थिति का समुचित फॉलोअप नहीं लिया गया। अंततः रविवार दोपहर करीब 1 बजे सिजेरियन ऑपरेशन किया गया, लेकिन तब तक गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी थी।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को लेकर प्रसूति विभाग की एचओडी डॉ. मंजू सिंह ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि अवकाश होने के कारण तत्काल कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। सोमवार को अस्पताल खुलने के बाद पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।