सतना। डिजिटल डेस्क
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाणसागर डैम पार कर मैहर वन मंडल की अमरपाटन रेंज में पहुंचा कॉलर आईडी युक्त नर हाथी ई-5 (सी-4) अब ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। रविवार रात हाथी गोरसरी पहाड़ से करीब पांच किलोमीटर का सफर तय कर चोरखरी गांव होते हुए इटमा कोठार के पास पहुंचा। इस दौरान उसने खेतों में खड़ी धान की फसल खाई और उसे रौंदकर नुकसान पहुंचाया। हाथी की लगातार आवाजाही से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
गोरसरी पहाड़ से चोरखरी होते हुए इटमा कोठार पहुंचा हाथी
जानकारी के अनुसार, रविवार रात ई-5 हाथी गोरसरी पहाड़ की ओर से निकला और करीब पांच किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान वह चोरखरी गांव से होकर इटमा कोठार के पास पहुंच गया।
रास्ते में खेतों में खड़ी धान की फसल को उसने खाया और पैरों से रौंद दिया। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। हाथी की आवाजाही अब जंगल के आसपास के क्षेत्रों से ग्रामीण बस्तियों की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है।
28-29 अक्टूबर की रात बाणसागर डैम पार कर आया था
कॉलर आईडी युक्त हाथी ई-5 (सी-4) 28-29 अक्टूबर की दरमियानी रात बाणसागर डैम पार कर अमरपाटन रेंज में दाखिल हुआ था। इसके बाद से वह लगातार जंगल और ग्रामीण इलाकों के बीच विचरण कर रहा है।
इससे पहले भी हाथी रामनगर क्षेत्र की पंचायतों में पहुंच चुका है। उसकी दोबारा वापसी के बाद वन विभाग उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है।
कॉलर आईडी से लोकेशन ट्रैक, बिजली सप्लाई बंद
अमरपाटन रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी के मुताबिक, हाथी की लोकेशन कॉलर आईडी के जरिए ट्रैक की जा रही है। वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है और हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है।
एहतियात के तौर पर संबंधित क्षेत्र की बिजली सप्लाई भी बंद कराई गई है। वन विभाग की कोशिश है कि हाथी को बिना नुकसान पहुंचाए आबादी वाले क्षेत्र से दूर जंगल की ओर भेजा जाए।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
हाथी की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। हाथी दिखाई देने पर उसके करीब जाने, पीछा करने या भीड़ लगाने से बचें। उसकी गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
खेतों और जंगल के आसपास अकेले जाने से बचें। वन विभाग की टीम के निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी तरह की जनहानि या अतिरिक्त नुकसान की आशंका को टाला जा सके।