सतना। डिजिटल डेस्क
सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पेप्टेक सिटी के पीछे स्थित गेदुरी बांध के ओवरफ्लो पानी से बरसाती नाले में अचानक तेज बहाव आ गया। इसी दौरान नहाने पहुंचे 13 वर्षीय नाबालिग असीम कोल तेज बहाव में बह गया। देर रात तक उसका पता नहीं चल सका था। एसडीआरएफ की टीम सर्च लाइट की मदद से नाले में उसकी तलाश कर रही है।
मछली पालन के लिए ठेके पर है बांध
जानकारी के अनुसार गेदुरी बांध को कुछ लोगों ने मछली पालन के लिए ठेके पर ले रखा है। पिछले दो-तीन दिनों में हुई तेज बारिश के कारण बांध पानी से भर गया और ओवरफ्लो होने लगा।
आरोप है कि मछलियों को बचाने के लिए बांध का मुख्य निकासी द्वार खोलने के बजाय ठेकेदार और उसके लोगों ने मेड़ के पास गड्ढा खोदकर उसमें ढोला डाल दिया। इस ढोले का दूसरा सिरा एनएचएआई की ओर से बनाई जा रही सड़क की तरफ खुलता है।
बताया जा रहा है कि इसी रास्ते बांध का ओवरफ्लो पानी बाहर निकाला गया। पानी के तेज बहाव के कारण मेड़ का बड़ा हिस्सा कट गया और पानी सीधे बरसाती नाले में गिरने लगा। इससे नाले में अचानक पानी और बहाव बढ़ गया।
नहाने पहुंचे थे चार बच्चे
शास्त्री नगर शेरगंज निवासी संदीप कोल का 13 वर्षीय बेटा असीम सोमवार दोपहर तीन-चार दोस्तों के साथ नाले पर नहाने पहुंचा था। बच्चों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि बांध के ओवरफ्लो के कारण नाले में पानी का बहाव अचानक काफी तेज हो चुका है।
पानी में उतरते ही तीन बच्चे तेज बहाव की चपेट में आ गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने प्रयास कर दो नाबालिगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन असीम को नहीं बचाया जा सका। काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो साथियों और परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस और एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रीति विश्वकर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। नाबालिग की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया।
एसडीआरएफ के जवानों ने नाले में सर्चिंग शुरू की। रात होने के बाद सर्च लाइटों की मदद से तलाश जारी रखी गई। समाचार लिखे जाने तक असीम का पता नहीं चल सका था।
बड़े नाले और नदी तक पहुंचता है पानी
बताया गया है कि घटनास्थल के पास का छोटा नाला आगे जाकर एक बड़े नाले में मिल जाता है। यह बड़ा नाला आगे नदी में गिरता है। ऐसे में आशंका है कि यदि तेज बहाव में असीम आगे की ओर बह गया है तो तलाशी का दायरा बढ़ सकता है।
फिलहाल एसडीआरएफ की टीम नाले और आसपास के संभावित स्थानों पर सर्चिंग कर रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है और बांध से पानी निकाले जाने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
लापरवाही के आरोपों की होगी जांच
घटना के बाद बांध से ओवरफ्लो पानी निकालने के तरीके को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मुख्य निकासी द्वार के बजाय मेड़ के पास गड्ढा खोदकर ढोला डालने और तेज बहाव में मेड़ के कटने की बात सामने आई है। पुलिस और संबंधित प्रशासनिक स्तर पर यह जांच का विषय होगा कि पानी निकासी की व्यवस्था किस तरह की गई थी और इसके कारण नाले में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति क्यों बनी।