हिमाचल में फिलहाल उमस, 18 जुलाई से फिर भारी बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में लगातार कई दिनों तक कहर बरपाने वाला मानसून फिलहाल कुछ कमजोर पड़ा है। बारिश थमने से लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 18 जुलाई से एक बार फिर भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।

तीन दिन राहत, फिर सक्रिय होगा मानसून

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 14, 15 और 16 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की बारिश हो सकती है। इन दिनों किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि 17 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगेंगी और 18, 19 तथा 20 जुलाई को कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

बारिश थमी तो बढ़ी उमस

मंगलवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रही। बारिश कम होने से मैदानी इलाकों में उमस बढ़ गई और दिन का तापमान भी ऊपर चढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान में औसतन 1.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक है।

24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां काफी कमजोर रहीं।

प्रमुख वर्षा आंकड़े:

  • पंडोह (मंडी) – 17.4 मिमी
  • जोगिंदरनगर – 3.0 मिमी
  • कसौली – 3.0 मिमी
  • नेरी (हमीरपुर) – 0.5 मिमी
  • काहू (बिलासपुर) – 0.4 मिमी

शिमला के जुब्बड़हट्टी और किन्नौर के भावानगर में केवल नाममात्र वर्षा दर्ज की गई।

अब भी 50 सड़कें बंद

पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हुई सड़कों को खोलने का काम जारी है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार प्रदेश में अभी भी 50 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। मौसम साफ रहने से इन्हें जल्द बहाल करने का काम तेज कर दिया गया है।

इस मानसून में सामान्य से 30% ज्यादा बारिश

हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मानसून ने 30 जून को प्रवेश किया था। इसके बाद 6 से 9 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है।

क्या बरतें सावधानी

मौसम विभाग ने 18 जुलाई से भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

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