पेट्रोल नहीं, कम खर्च वाली कारों की बढ़ी मांग; भारतीय खरीदारों की पसंद बदल रही
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। जहां पहले पेट्रोल कारें सबसे लोकप्रिय विकल्प थीं, वहीं अब बड़ी संख्या में खरीदार CNG, Hybrid और Electric Vehicles (EV) की ओर रुख कर रहे हैं। ऑटो डीलर्स के संगठन FADA की जून 2026 की रिपोर्ट बताती है कि पहली बार वैकल्पिक ईंधन से चलने वाली कारों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत के पार पहुंच गई है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि अब खरीदार सिर्फ कार की कीमत नहीं, बल्कि उसकी रनिंग कॉस्ट और लंबी अवधि के खर्च को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
पहली बार 40% के पार पहुंचीं वैकल्पिक ईंधन वाली कारें
FADA के अनुसार जून 2026 में भारत में पैसेंजर व्हीकल की रिकॉर्ड 4.10 लाख से अधिक रिटेल बिक्री हुई। इनमें CNG, Hybrid और EV कारों की संयुक्त हिस्सेदारी 40.35% रही, जो अब तक का सबसे बड़ा स्तर है। अकेले CNG कारों की हिस्सेदारी 24.33%, Hybrid की 8.27% और EV की 7.75% दर्ज की गई।
क्यों बदल रही है लोगों की पसंद
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीदार अब शुरुआती कीमत से ज्यादा वाहन चलाने की कुल लागत पर ध्यान दे रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कम ईंधन खर्च वाली गाड़ियों की मांग बढ़ी है। इसके साथ ही CNG नेटवर्क का विस्तार, बेहतर Hybrid तकनीक और EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार ने भी ग्राहकों का भरोसा बढ़ाया है।
क्या पेट्रोल कारों का दौर खत्म हो रहा है
ऐसा नहीं है। पेट्रोल कारें अभी भी भारतीय बाजार का बड़ा हिस्सा हैं। हालांकि बाजार में उनका अनुपात पहले की तुलना में कम हो रहा है क्योंकि वैकल्पिक ईंधन वाले विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। ऑटो उद्योग इसे ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं का संकेत मान रहा है, न कि पेट्रोल कारों के पूरी तरह खत्म होने का।
एक्सपर्ट की राय
ऑटो सेक्टर के जानकारों का कहना है कि आने वाले वर्षों में ग्राहकों का फोकस कम रनिंग कॉस्ट, बेहतर माइलेज और पर्यावरण अनुकूल तकनीक पर रहेगा। जिन लोगों का मासिक वाहन उपयोग अधिक है, उनके लिए CNG, Hybrid या EV आर्थिक रूप से अधिक लाभदायक साबित हो सकते हैं। वहीं जिनकी ड्राइविंग कम है या चार्जिंग सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनके लिए पेट्रोल कारें अभी भी व्यावहारिक विकल्प बनी रहेंगी।
आगे क्या
FADA का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और चार्जिंग व CNG इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रहता है, तो आने वाले महीनों में वैकल्पिक ईंधन वाली कारों की हिस्सेदारी और बढ़ सकती है। वहीं ऑटो कंपनियां भी इस मांग को देखते हुए नए Hybrid और Electric मॉडल बाजार में उतार रही हैं।