मंडला। डिजिटल डेस्क
कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार परिक्षेत्र में वन्यजीव के शिकार की कोशिश का मामला सामने आया है। मुखबिर से मिली सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से सल्फास और कुल्हाड़ी समेत अन्य सामग्री बरामद की गई है।
मुखबिर की सूचना पर वन अमले ने की कार्रवाई
वन विभाग के अनुसार, 15 अगस्त 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुपखार परिक्षेत्र में एक व्यक्ति वन्यजीव के शिकार की कोशिश कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन अमले ने तत्काल कार्रवाई की।
टीम ने बीट सुपखार के कक्ष क्रमांक 282 में पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके कब्जे से शिकार में इस्तेमाल की आशंका वाली सामग्री बरामद की गई।
सल्फास और कुल्हाड़ी बरामद
वन विभाग की कार्रवाई में आरोपी के पास से सल्फास का एक पैकेट, मिट्टी की दो गोलियां और एक कुल्हाड़ी बरामद की गई। वन विभाग के अनुसार, दोनों मिट्टी की गोलियों में सल्फास भरा हुआ था।
वन्यजीवों के लिए जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई होने से वन क्षेत्र में संभावित वन्यजीव नुकसान को रोका जा सकता है।
42 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
वन विभाग ने आरोपी की पहचान तीरथ सिंह टेकाम, पिता किशन सिंह, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम इंद्री, थाना मोतीनाला, तहसील बिछिया के रूप में की है।
वन अमले ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसके विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इन वनकर्मियों ने की कार्रवाई
पूरी कार्रवाई क्षेत्र संचालक एवं उप संचालक, कान्हा टाइगर रिजर्व के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में रेंज ऑफिसर अशोक रागडाले, वनपाल आसिफ कुरैशी, वनरक्षक सागर मरकाम, सुरक्षा श्रमिक नंदलाल, सुरक्षा श्रमिक अघन सिंह सहित अन्य वन अमले की भूमिका रही।
समय पर कार्रवाई से नाकाम हुई शिकार की कोशिश
कान्हा टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण संरक्षित वन क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार की कोशिश वन विभाग के लिए गंभीर मामला होती है।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में आरोपी की गिरफ्तारी और संदिग्ध सामग्री की बरामदगी से वन्यजीव शिकार की एक संभावित कोशिश को समय रहते रोका गया।