2 दिन में सुलझा कार्तिकेय अपहरण कांड, पिता ही निकला मास्टरमाइंड; मासूम राजस्थान से सकुशल बरामद

मुरैना में स्कूल से अपहृत मासूम कार्तिकेय यादव के मामले में पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि जिस पिता पर बेटे की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने पारिवारिक विवाद के चलते पूरे अपहरण की साजिश रची।

48 घंटे में पुलिस ने सुलझाई अपहरण की गुत्थी

मुरैना पुलिस ने स्कूल से अपहृत मासूम कार्तिकेय यादव को महज दो दिन के भीतर सकुशल बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई जांच के आधार पर पुलिस राजस्थान के पाली पहुंची, जहां से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरे अपहरण की साजिश किसी गैंग ने नहीं, बल्कि बच्चे के पिता निलेश राजपूत ने ही रची थी।

15 दिन तक करता रहा रेकी, फिर बनाई पूरी योजना

पुलिस के अनुसार निलेश राजपूत ने वारदात को अंजाम देने से पहले करीब 15 दिनों तक मुरैना में रहकर रेकी की। इसके बाद उसने पूरी योजना बनाकर बेटे का अपहरण कराया और उसे लेकर राजस्थान के पाली चला गया। वहां वह एक होटल में ठहरा हुआ था, जहां से पुलिस ने उसे ट्रेस कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अपहरण की साजिश के पीछे पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक विवाद था। पुलिस आरोपी पिता से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।

फेसबुक पर हुई थी दोस्ती, फिर हुई शादी

जांच के दौरान परिवार की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार निलेश राजपूत और इशू यादव की पहचान वर्ष 2018 में फेसबुक के माध्यम से हुई थी। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और 2019 में उन्होंने शादी कर ली। निलेश राजस्थान के पाली का रहने वाला है और शादी के समय मुंबई में गुटखा कारोबार से जुड़ा था। शादी के बाद दोनों मुंबई में रहने लगे, जहां उनके बेटे कार्तिकेय का जन्म हुआ।

मारपीट के आरोप, दो बार मायके लौटी पत्नी

इशू यादव का आरोप है कि बेटे के जन्म के बाद निलेश शराब और अन्य नशे का आदी हो गया तथा उसके साथ मारपीट करने लगा। विवाद बढ़ने पर वह जनवरी 2025 में बेटे को लेकर मुरैना स्थित मायके आ गई। बाद में अगस्त 2025 में निलेश बेटे को अपने साथ मुंबई ले गया। समझौते की उम्मीद में इशू भी मुंबई चली गई, लेकिन विवाद फिर बढ़ गया। इसके बाद जनवरी 2026 में वह दोबारा बेटे कार्तिकेय के साथ मुरैना लौट आई और तभी से दोनों अलग-अलग रह रहे थे।

दो महीने पहले कराया था स्कूल में दाखिला

परिजनों के अनुसार करीब दो महीने पहले इशू यादव और उनकी मां ममता यादव ने कार्तिकेय का मुरैना के रेनबो पब्लिक स्कूल में दाखिला कराया था। इसी स्कूल से बच्चे के अपहरण की घटना सामने आई थी। फिलहाल पुलिस ने मासूम को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। आरोपी पिता से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

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